जादूगोड़ा : पोटका प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत राजदोहा गांव के डुगरीडीह टोला में भुरका ईपील सेचेद अखाड़ा के बैनर तले संताली ओलचिकी कक्षा का शुभारंभ किया गया, जिसका उद्घाटन हरिपदो मुर्मू और असेका महासचिव शंकर सोरेन के द्वारा किया गया. इस मौके ओर आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि हरि पदो मुर्मू ने कहा कि इस तरह का आसरा हर गांव में होना चाहिए ताकि प्रत्येक घर के सभी व्यक्ति अपनी लिपि से परांगत होना जरूरी है. असेका के महासचिव शंकर सोरेन ने अपने सम्बोधन में कहा कि यहां ओलचिकी पढ़ाई लोयर, हायर, मैट्रिक समेत +2 तक की जाएगी जहां संथाली समाज की विलुप्त होती उनकी सामाजिक व्यवस्था, धार्मिक, रीति रिवाज, संस्कार, समाज की बुराइयां समेत आदिवासी वाद्य यंत्रों की भी पढ़ाई कराई जाएगी. समारोह में ओलचिकी के प्रधान शिक्षक सह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से सम्मानित दुर्गा प्रसाद मुर्मू को सम्मानित किया गया. (नीचे भी पढ़ें)

श्री मुर्मू ने कहा कि इस तरह स्कूल को झारखंड सरकार अधिग्रहित ओलचिकी को बढ़ावा दे जिसके लिए एक घंटा ओलचिकी की पढ़ाई की व्यवस्था स्कूलों में कराने की भी मांग उठाई. ताकि ओलचिकी जन -जन की भाषा का दर्जा मिल सके. उद्घाटन सत्र का संचालन फूदान मार्डी प्राणिक ने किया. कार्यक्रम को मानिक हांसदा, फ़ुदन मुर्मू, मानसिंह मांझी, सगेन हांसदा समाज सेवी एवं हलुदबनी के ग्राम प्रधान ने भी अपने विचार रखे. इस अवसर पर झारखंड असेका द्वारा आयोजित वार्षिक परीक्षा में प्रथम स्थान पाने वाले छात्रों व +२ में प्रथम स्थान पाने वाली पोमा हांसदा और दूसरे स्थान पर रहे शिव चरण हांसदा को प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया. धन्यवाद ज्ञापन राजदोहा माझी बाबा ने किया.







