जमशेदपुर : मिड-कैरियर प्रशिक्षण कार्यक्रम (एमसीटीपी II) के अंतर्गत भारतीय विदेश सेवा (आइएफएस) के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनएमएल), जमशेदपुर का विशेष भ्रमण किया. इस प्रतिनिधिमंडल में भारतीय उच्चायोग, नैरोबी (केन्या) के उप उच्चायुक्त सुशील प्रसाद और भारतीय उच्चायोग, लंदन (यूके) के काउंसलर मोहम्मद शाहिद आलम शामिल थे. उनके साथ जिला खनन पदाधिकारी और जमशेदपुर एवं चाईबासा के जिला उद्योग केंद्रों के अधिकारी भी मौजूद रहे. भ्रमण के दौरान आइएफएस अधिकारियों ने सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी और विभिन्न विभागाध्यक्षों के साथ उच्च स्तरीय संवाद किया. इस अवसर पर उन्हें संस्थान की अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों, प्रमुख वैज्ञानिक उपलब्धियों और खनिज, धातु व पदार्थ क्षेत्र में एनएमएल के वैश्विक योगदान से अवगत कराया गया. (नीचे भी पढ़ें)
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने संस्थान की अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं का बारीकी से अवलोकन किया. उन्होंने क्रीप परीक्षण प्रयोगशाला, हॉट डिप प्रोसेस सिम्युलेटर प्रयोगशाला, अर्बन ओर रीसाइक्लिंग सेंटर तथा मैग्नीशियम धातु उत्पादन एवं आसवन सुविधा का दौरा किया. इस दौरान वैज्ञानिकों ने संचालित उन्नत प्रौद्योगिकियों और उद्योगोन्मुख नवाचारों की विस्तृत तकनीकी जानकारी प्रदान की. अधिकारियों ने एनएमएल की अग्रणी वैज्ञानिक क्षमता, विश्वस्तरीय अधोसंरचना और औद्योगिक नवाचार को बढ़ावा देने में संस्थान की भूमिका की सराहना की. यह भ्रमण वैश्विक स्तर पर ज्ञान एवं अनुभवों के आदान-प्रदान के लिए एक प्रभावी मंच सिद्ध हुआ.





