रामगोपाल जेना/चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के मंझारी प्रखंड अंतर्गत पुटीसिया चौक से बड़ा लगड़ा गांव तक जाने वाली अत्यंत महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण कार्य लगभग तीन वर्ष पूर्व प्रारंभ हुआ था, किंतु आज तक उक्त सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है. इसके कारण सड़क की स्थिति अत्यंत जर्जर एवं दयनीय बनी हुई है, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों, विद्यार्थियों, किसानों, मरीजों तथा आम नागरिकों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. विशेष कर वर्षा ऋतु में सड़क की स्थिति और अधिक खराब हो जाने से लोगों का आवागमन जोखिमपूर्ण एवं कई बार बाधित भी हो जाता है. (नीचे भी पढ़ें)

उक्त सड़क केवल स्थानीय क्षेत्र के लिए ही नहीं, बल्कि झारखंड एवं ओडिशा राज्य की सीमा को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग भी है. इसके बावजूद वर्षों से निर्माण कार्य अधूरा पड़ा रहना अत्यंत गंभीर चिंता का विषय है. जिला अध्यक्ष शेरसिंह बिरुआ ने कहा कि इस मार्ग का ऐतिहासिक एवं शैक्षणिक महत्व भी अत्यंत विशेष है. इसी मार्ग से देश के प्रथम संविधान सभा के सदस्य, पूर्व सांसद, बिहार सरकार के पूर्व वन मंत्री, टाटा कॉलेज के संस्थापक सचिव तथा शिक्षा जगत के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व स्व पूर्णचंद्र बिरुआ के पैतृक गांव तक पहुंचा जाता है. स्व पूर्णचंद्र बिरुआ ने सिंहभूम-कोल्हान क्षेत्र में शिक्षा के विकास के लिए उल्लेखनीय योगदान किया. उनके द्वारा स्थापित शिक्षण संस्थानों से शिक्षा प्राप्त कर अनेक छात्र भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा, राज्य प्रशासनिक सेवा, बीडीओ, डीएसपी, विधायक, मंत्री तथा मुख्यमंत्री जैसे उच्च एवं महत्वपूर्ण पदों पर आसीन हुए हैं. ऐसे महान शिक्षाविद के पैतृक गांव तक जाने वाली सड़क का वर्षों से अधूरा एवं जर्जर रहना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं चिंताजनक है. (नीचे भी पढ़ें)

इन सभी तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए आदिवासी हो समाज युवा महासभा ने यहां उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर उक्त सड़क निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराने, संबंधित संवेदक एवं विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने तथा निर्माण कार्य को अविलंब पूरा कराने की मांग की है. इस अवसर पर आदिवासी हो समाज महासभा के महासचिव सोमा कोड़ा, आदिवासी हो समाज युवा महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष इपिल सामड, पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष बीरसिंह बिरुली, कोषाध्यक्ष सुरेन्द्र पुर्ती, प्रदेश अध्यक्ष गोविन्द बिरुआ, जिला सचिव ओयबन हेम्ब्रम, संयुक्त सचिव सुरेन्द्र पुर्ती, पूर्व मुखिया नटवरलाल बिरुआ, पूर्व मुखिया मंजू बिरुआ, आशीष कुमार तिरिया, करन होनहागा, थॉमस बिरुआ, संजीव तिरिया सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे.




