जमशेदपुर : टाटा स्टील के कोक प्लांट के कमेटी मेंबरों ने ने वेज रिवीजन से जुड़ी विभिन्न विसंगतियों एवं कर्मचारियों को हो रहे आर्थिक नुकसान को लेकर टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु से मुलाकात की. इन लोगों ने इन समस्याओं के निराकरण की गंभीरता से उठाने की मांग की है. कर्मचारी प्रतिनिधियों का कहना है कि वेज रिवीजन के दौरान कुछ कर्मचारियों के साथ ऐसी विसंगतियां सामने आई हैं, जिनका सीधा असर उनके वेतन एवं भविष्य के आर्थिक लाभ पर पड़ रहा है. इन लोगों ने मांग की है कि बंचिंग से संबंधित कारणों से प्रभावित कर्मचारियों की इंक्रीमेंट डेट में हुए बदलाव की समीक्षा की जाए तथा पात्र कर्मचारियों को होने वाले आर्थिक नुकसान का उचित समाधान किया जाए. जनवरी 2025 के बाद ज्वाइन करने वाले कर्मचारियों को भी एमजीबी से संबंधित कार्य एवं निर्धारित लाभ का उचित अवसर दिया जाए, ताकि नए कर्मचारियों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव न हो. (नीचे भी पढ़ें)
सेवानिवृत्ति के समय एनएस ग्रेड के कर्मचारियों को मिलने वाली मेडिकल सुविधाओं में आवश्यक विस्तार किया जाए, ताकि लंबे समय तक कंपनी की सेवा करने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद भी बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके. कर्मचारी प्रतिनिधियों ने कहा कि ये मुद्दे लंबे समय से कर्मचारियों के हित से जुड़े हुए हैं इसलिए टाटा वर्कर्स यूनियन नेतृत्व से अनुरोध किया गया है कि इन विषयों को गंभीरता से लेते हुए प्रबंधन के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाया जाए और कर्मचारियों के हित में न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित किया जाए. इस मौके पर अध्यक्ष के साथ डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह भी मौजूद थे. इन लोगों ने एक लिखित ज्ञापन भी सौंपा. ज्ञापन सौंपने वाले कमेटी मेंबरों में शशांक मंजर, विभाष शुक्ला, विवेक सिंह, अरविंद यादव, मनोरंजन कुमार, दीप राज रजक, एसएन शर्मा, यूके झा, एसबी पिंगुआ, संजय पांडेय समेत अन्य लोग मौजूद थे.




