जमशेदपुर : जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों से मनमाना किराया वसूलने वाले निजी एंबुलेंस चालकों के खिलाफ अस्पताल प्रबंधन ने कार्रवाई शुरू कर दी है. अधीक्षक डॉ बलराम झा के निर्देश पर अस्पताल परिसर में विशेष जांच अभियान चलाया गया. अभियान के दौरान इमरजेंसी गेट के पास निजी एंबुलेंस खड़ी मिली. वहीं, तीन निजी एंबुलेंस चालकों को भी मौके पर पकड़ा गया. होमगार्ड जवानों ने निजी एंबुलेंस को हटवाते हुए तीनों चालकों को कड़ी चेतावनी दी. (नीचे भी पढ़ें)
उन्हें स्पष्ट निर्देश दिया गया कि अस्पताल परिसर में निजी एंबुलेंस खड़ी कर मरीजों और उनके परिजनों को अपनी सेवा लेने के लिए प्रेरित नहीं किया जा सकता. दोबारा परिसर में पकड़े जाने पर चालकों को पुलिस के हवाले करने की चेतावनी दी गई. अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, सुबह से ही कई निजी एंबुलेंस चालक इमरजेंसी के आसपास अपनी गाड़ियां खड़ी कर मरीजों का इंतजार करते थे. आरोप है कि रांची रिम्स रेफर किए जाने वाले मरीजों के परिजनों से निजी एंबुलेंस चालक 4500 से 5000 रुपये तक किराया मांग रहे थे. इस संबंध में परिजनों की शिकायत अस्पताल प्रबंधन तक पहुंची थी. अधीक्षक डॉ बलराम झा ने कहा कि अस्पताल परिसर में किसी भी निजी एंबुलेंस या निजी चालक को खड़े होने की अनुमति नहीं है. उनकी आवाजाही पर रोक लगा दी गई है. सुरक्षा में तैनात सभी होमगार्ड जवानों को इस संबंध में सख्त निर्देश दिए गए हैं. निरीक्षण के दौरान यदि कोई निजी एंबुलेंस या चालक परिसर में पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.




