जमशेदपुर: जमशेदपुर में आम जनमानस को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुधवार को बागबेड़ा एवं आसपास के क्षेत्रों में विशेष कानूनी जागरूकता अभियान चलाया गया. जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) जमशेदपुर के पदेन अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडे के निर्देशानुसार तथा प्राधिकार के सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी के मार्गदर्शन में अभियान का आयोजन किया गया. अभियान के दौरान प्रचार वाहन ‘न्याय रथ’ के माध्यम से लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार की स्थापना, उसके उद्देश्यों, सामाजिक भूमिका और जरूरतमंदों को उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई. (नीचे भी पढ़ें)

कार्यक्रम के दौरान आगामी 12 सितंबर 2026 को व्यवहार न्यायालय (सिविल कोर्ट) परिसर जमशेदपुर में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रति भी लोगों को विशेष रूप से जागरूक किया गया. लोक अदालत में आपसी सहमति के आधार पर वित्तीय एवं व्यापारिक विवाद, बैंक ऋण से जुड़े मामले, चेक बाउंस, बिजली और वन विभाग से संबंधित विवादों सहित श्रम एवं सामाजिक मामलों का निष्पादन किया जाएगा. इसके अलावा न्यूनतम मजदूरी, बाल मजदूरी, सड़क दुर्घटना मुआवजा दावे, पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा और प्रताड़ना से जुड़े मामलों के समाधान की प्रक्रिया के बारे में भी लोगों को जानकारी दी गई. (नीचे भी पढ़ें)
विधिक स्वयंसेवकों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे सुलह और समझौते का रास्ता अपनाकर राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठाएं. बताया गया कि यहां मामलों का निष्पादन निःशुल्क और त्वरित प्रक्रिया से किया जाता है, जिससे लोगों का समय और पैसा दोनों बचता है. अभियान में लीगल एड डिफेंस काउंसिल देवाशीष दत्ता, पैरा लीगल वालंटियर दिलीप जायसवाल, रामकंडेय मिश्रा और न्याय रथ चालक मनजीत कुमार उपस्थित रहे. बागबेड़ा के विभिन्न स्थानों पर लोगों ने उत्साहपूर्वक न्याय रथ के पास पहुंचकर अपने मामलों और राष्ट्रीय लोक अदालत की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की.







