मेदिनीनगर (पलामू) : पलामू के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत की अध्यक्षता में सोमवार को जिला कौशल समिति तथा आईटीआई इकोसिस्टम, पीएम-सेतु एवं राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना (एनएपीएस) से संबंधित बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिले में कौशल विकास के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए प्रशिक्षण को रोजगार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया.
बैठक में जिला कौशल पदाधिकारी नीरज कुमार को निर्देश दिया गया कि जिला कौशल विकास योजना (डीएसडीपी) तैयार करने के लिए सभी संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक आंकड़े जुटाए जाएं. इसके लिए समिति का गठन कर निर्धारित समय-सीमा में योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया. आईटीआई इकोसिस्टम एवं पीएम-सेतु की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने जिले में संचालित सभी पांच आईटीआई में उद्योगों के साथ साझेदारी विकसित करने पर जोर दिया. उन्होंने स्थानीय स्तर पर उद्योगों की मांग के अनुरूप ट्रेड में प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया. (नीचे भी पढ़ें)
उपायुक्त ने पीएम-सेतु योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के साथ सीसीएल, टाटा स्टील, आयरन एवं स्टील क्षेत्र की कंपनियों सहित अन्य उद्योगों के साथ साझेदारी कर युवाओं के लिए अप्रेंटिसशिप के अवसर बढ़ाने को कहा. उन्होंने अप्रेंटिसशिप को लेकर युवाओं और उद्योगों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए सेमिनार आयोजित करने तथा जिला स्तर पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) की दिशा में पहल करने का निर्देश दिया. उन्होंने चैंबर ऑफ कॉमर्स से भी कौशल प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए आवश्यक पहल करने को कहा. बैठक में स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यकता आधारित कौशल प्रशिक्षण की योजना तैयार करने पर बल दिया गया. इसके अलावा कृषि प्रसंस्करण और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में भी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया. (नीचे भी पढ़ें)
बैठक में जिला स्तरीय पदाधिकारी, जिला कौशल पदाधिकारी, एलडीएम पलामू, डीपीएम जेएसएलपीएस, जिले के सभी पांच आईटीआई के प्रतिनिधि, चैंबर ऑफ कॉमर्स, नाबार्ड के निदेशक, जिला मत्स्य पदाधिकारी, विभिन्न कौशल प्रशिक्षण केंद्रों के प्रतिनिधि एवं यूएनडीपी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। वहीं, उप विकास आयुक्त, समाज कल्याण पदाधिकारी, श्रम अधीक्षक, सहायक श्रम आयुक्त, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी एवं भूमि संरक्षण पदाधिकारी ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुए.




