जमशेदपुर : जमशेदपुर के बेल्डीह क्लब में आयोजित दो दिवसीय ‘सिरकॉन 2026’ – सर्कुलैरिटी कॉन्फ्रेंस का सफलतापूर्वक समापन हुआ. “इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से वैलोराइजेशन की नई परिकल्पना” विषय पर केंद्रित सम्मेलन में उद्योग, शिक्षण संस्थानों, अनुसंधान संगठनों, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं और स्टार्टअप्स से 200 से अधिक प्रतिभागियों तथा 50 से अधिक वक्ताओं ने भाग लिया. सम्मेलन का आयोजन द इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेटल्स (आईआईएम), जमशेदपुर चैप्टर ने टाटा स्टील, सीएसआईआर–राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनएमएल) और इंडियन सिरेमिक सोसाइटी के सहयोग से किया. कार्यक्रम में पूर्ण सत्र, समानांतर तकनीकी सत्र, प्रदर्शनी और स्टार्टअप पिच का विशेष सत्र शामिल रहा. सम्मेलन में औद्योगिक उप-उत्पादों के उपयोग, स्टील स्लैग एवं फ्लाई ऐश के मूल्यवर्धन, सर्कुलर निर्माण सामग्री, महत्वपूर्ण एवं बहुमूल्य धातुओं की रिकवरी, अर्बन माइनिंग, ई-कचरा एवं लिथियम-आयन बैटरी पुनर्चक्रण, रिफ्रैक्टरी पुनर्चक्रण, कार्बन कैप्चर एवं मिनरलाइजेशन, जल के पुनः उपयोग तथा सर्कुलर स्टीलमेकिंग जैसे विषयों पर प्रस्तुतियां हुईं.(नीचे भी पढ़ें)
कम-कार्बन बाइंडर, कार्बोनेटेड स्टील स्लैग एग्रीगेट के साथ 3डी कंक्रीट प्रिंटिंग, कृषि में औद्योगिक उप-उत्पादों के उपयोग और सोलर पीवी सामग्री के पुनर्चक्रण जैसे नए अनुप्रयोगों पर भी विचार साझा किए गए. सम्मेलन में टाटा स्टील, टाटा पिगमेंट्स, टाटा स्टील नीदरलैंड, टाटा स्टील यूके, एएम/एनएस, जेएसडब्ल्यू सीमेंट, अदाणी सीमेंट, नुवोको, हिंडाल्को, आईएमएफए, टीआरएल क्रोसाकी, आरएचआई मैग्नेसिटा, इको रीसाइक्लिंग, एचएसएम लेवी, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, जैमिपोल, रुबामिन और जीएसडब्ल्यू माइनिंग एंड रीसाइक्लिंग सहित अनेक औद्योगिक एवं प्रौद्योगिकी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों में आईआईएससी, आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी कानपुर, आईआईटी गुवाहाटी, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद, आईआईटी भुवनेश्वर, एनआईटी जमशेदपुर, सीएसआईआर-एनएमएल, सीएसआईआर-सीएसएमसीआरआई और एनसीसीबीएम के प्रतिनिधि शामिल रहे. इटली, यूनाइटेड किंगडम और नीदरलैंड से जुड़े पेशेवरों की प्रस्तुतियों ने सम्मेलन को अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण भी प्रदान किया. उन्नत स्लैग प्रसंस्करण, सर्कुलर स्टीलमेकिंग, स्टील पैकेजिंग और सामग्री रिकवरी पर अनुभव साझा किए गए. (नीचे भी पढ़ें)
स्टार्टअप्स ने प्रस्तुत किए नवाचार
समापन का विशेष आकर्षण “परिपत्र भविष्य के लिए नवाचार – नव उद्यम प्रस्तुति” रहा. इस सत्र में सालटेक, क्लिमिट्रा, पेविंग प्लस और कार्बन स्ट्रॉन्ग सहित अन्य सहभागी नव उद्यमों ने उद्योग विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और संभावित सहयोगियों के समक्ष अपने नवीन विचारों, तकनीकों और समाधानों को प्रस्तुत किया. सत्र के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि नवाचारों को केवल प्रयोगशाला और अवधारणा के स्तर तक सीमित न रखते हुए उन्हें औद्योगिक परीक्षण, रणनीतिक साझेदारी तथा व्यावसायिक स्तर पर लागू करने की दिशा में आगे बढ़ाया जाए. (नीचे भी पढ़ें)
सहयोग को आगे बढ़ाने का आह्वान
दो दिनों की चर्चाओं में यह बात प्रमुखता से सामने आई कि स्टील स्लैग, फ्लाई ऐश, खनन अवशेष, रिफ्रैक्टरी कचरा, प्रयुक्त उत्प्रेरक, ई-कचरा और बैटरियों जैसी सामग्रियों को द्वितीयक संसाधनों के रूप में उपयोग करने की व्यापक संभावनाएं हैं. वक्ताओं ने तकनीकी व्यवहार्यता के साथ पर्यावरणीय प्रदर्शन, बाजार की स्वीकार्यता और आर्थिक व्यवहार्यता को भी आवश्यक बताया. सम्मेलन के दौरान भारी बारिश के बावजूद प्रतिभागियों की उपस्थिति और सक्रिय भागीदारी उत्साहजनक रही. ‘सिरकॉन 2026’ का समापन सम्मेलन में शुरू हुई चर्चाओं और संपर्कों को संयुक्त अनुसंधान, पायलट परियोजनाओं, प्रौद्योगिकी प्रदर्शन, स्टार्टअप साझेदारियों तथा व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य सर्कुलर इकोनॉमी समाधानों में बदलने के आह्वान के साथ हुआ. आयोजकों ने सभी वक्ताओं, प्रतिभागियों, प्रायोजकों, प्रदर्शकों, स्टार्टअप्स और आयोजन समिति के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया.




