जमशेदपुर : टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक (एमडी) सह सीईओ टीवी नरेंद्रन ने कार्यस्थल पर सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता न करने की सख्त चेतावनी दी है. कंपनी के टिनप्लेट डिवीजन में हाल के दिनों में हुई दो कर्मचारियों की मौत की घटनाओं पर गहरा दुख व नाराजगी जताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि हादसों को रोकना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. मासिक कार्यक्रम ‘एमडी ऑनलाइन’ के दौरान कर्मचारियों व अधिकारियों को संबोधित करते हुए टीवी नरेंद्रन ने कहा कि सुरक्षा मानकों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने सभी लोकेशन हेड्स को सुरक्षा की सीधी जवाबदेही सौंपी और दुर्घटनामुक्त माहौल बनाने के लिए एक टीम के रूप में काम करने की ताकीद की. सुरक्षा और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्यक्रम के दौरान ठेका कर्मचारियों (कॉन्ट्रैक्ट वर्कर) के लिए ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ ऐप लॉन्च किया गया. (नीचे भी पढ़ें)
इस ऐप के माध्यम से ठेका कर्मचारी सुरक्षा संबंधी शिकायतें, वेतन संबंधी समस्याएं और अन्य मुद्दे सीधे मुख्य नियोक्ता (प्रिंसिपल एम्प्लॉयर) यानी कंपनी प्रबंधन के समक्ष रख सकेंगे. एमडी ऑनलाइन में कंपनी की सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) गतिविधियों का विस्तृत ब्योरा दिया गया. बताया गया कि 1934 में टाटा स्टील देश की पहली ऐसी कंपनी बनी जिसने सीएसआर की शुरुआत की थी. विभाजन के समय मदद से लेकर श्रीलंका आपदा राहत तक, जनसेवा टाटा समूह की परंपरा रही है. (नीचे भी पढ़ें)
कैंटीन और पीएमएस का उठा मुद्दा
टाटा स्टील के मेरामंडली में पीएमएस हटाने की मांग की गयी. कर्मचारियों ने परफॉर्मेंस मैनेजमेंट सिस्टम (पीएमएस) को हटाने की मांग उठाई। कर्मचारियों का कहना था कि इस सिस्टम से सालाना इंक्रीमेंट में नुकसान हो रहा है. इस पर मुख्य मानव संसाधन अधिकारी (सीपीओ) अतरई सान्याल ने आश्वस्त किया कि इस विषय पर अधिकृत यूनियन के साथ बातचीत कर समाधान निकाला जाएगा. जमशेदपुर के सिंटर प्लांट 3 के कर्मचारी सुभाष पांडेय द्वारा कैंटीन में ठेका और स्थायी कर्मचारियों के एक साथ आने से हो रही भीड़ की समस्या उठाने पर एमडी ने तुरंत संज्ञान लिया. उन्होंने जमशेदपुर प्लांट के वाइस प्रेसिडेंट (ऑपरेशन्स) चैतन्य भानु को कैंटीन की व्यवस्था दुरुस्त करने का तत्काल निर्देश दिया.




