लखनऊ: यूपी की राजधानी लखनऊ में सोमवार को दिनदहाड़े एक परिवार के तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई. मृतकों में रिटायर्ड सचिवालय कर्मचारी, उनका कारोबारी बेटा और भाई शामिल हैं. पिता और बेटे की मौके पर मौत हो गई, जबकि भाई ने ट्रॉमा सेंटर में दम तोड़ दिया.घटना जिला मुख्यालय से 8.4 किलोमीटर दूर सआदतगंज थाना अंतर्गत नौबस्ता का है. मृतकों की पहचान शिवाजी तिवारी (62), भाई शंभू उर्फ शिवेंद्र तिवारी (57), बेटे सुयश तिवारी (30) के रूप में हुई है. शंभू तिवारी, लखनऊ विवि में कर्मचारी थे. जबकि, सुयश इलेक्ट्रिक सामानों का कारोबार करते थे. वहीं, आरोपी ऋषभ शुक्ला (30) मर्चेंट नेवी में नेवीगेशन अफसर था. हालांकि, बताया जा रहा कि उसे नौकरी से निकाल दिया गया था. शुरुआती जानकारी के अनुसार शिवाजी तिवारी घर के पास बरगद के पेड़ के नीचे गाड़ी पार्किंग को लेकर विवाद था. पड़ोस का रहने वाला ऋषभ शुक्ला विरोध कर रहा था. (नीचे भी पढ़े)

सोमवार को भी पार्किंग को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया. गाली-गलौज और मारपीट के बाद दूसरे पक्ष ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. उधर, वारदात के बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया. पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा भी पहुंचे. वारदातस्थल का मुआयना करने, जानकारी लेने के बाद परिजन से बातचीत की.ट्रिपल मर्डर का आरोपी ऋषभ शुक्ला मर्चेंट नेवी में नेवीगेशन अफसर रह चुका है. बताया जा रहा कि उसे नौकरी से निकाल दिया गया था. पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने बताया- आरोपी ऋषभ को मौके से पिस्टल के साथ अरेस्ट कर लिया गया है.शिवजी तिवारी के मोहल्ले में रहने वाले दीपक निगम ने बताया- चबूतरा को लेकर काफी दिनों से विवाद था. पड़ोसी दबंगई के बल पर बनने से रोक रहा था.शंभू तिवारी को अस्पताल पहुंचाने वाले श्याम शुक्ला ने बताया- पार्किंग की जगह मंदिर का चबूतरा बनवाने को लेकर विवाद हुआ था. लोग पूजा करने गए थे, तभी आरोपी बंदूक लेकर वहां खड़ा मिला. पहले लाठी-डंडों से हमला किया गया, फिर गोलियां मार दी गईं. जिससे तीन लोगों की मौत हो गयी. पुलिस ने तीनों शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के भेज दिया है.





