सरायकेला: सरायकेला- खरसांवा जिले के गम्हरिया थाना दुष्कर्म मामले में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) गंभीर है. साथ ही साथ पीड़िता को कानूनी सहायता के लिए उठाये कदम है.प्राधिकरण ने पीड़िता को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए एक पैनल अधिवक्ता के साथ पीएलवी भी नियुक्त किया है. इसके साथ ही जिले के एसपी को भी पत्र भेजा है.डालसा के सचिव तौफीक मेराज ने बताया है कि दुष्कर्म मामले में पीडीजे सह प्राधिकरण के चेयरमैन रमाशंकर सिंह के निर्देश पर पीएलवी को पीड़िता के घर भेजा गया है. साथ ही जिले के एसपी को पत्र भेजकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के आलोक में पुलिस थाने में महिला पुलिस की नियुक्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि किसी महिला की शिकायत पर अथवा पूछताछ के समय महिला पुलिस की मौजूदगी रहे. उन्होंने बताया कि पीड़िता को निःशुल्क कानूनी सहायता उलब्ध कराने के लिए पैनल अधिवक्ता नियुक्त किया गया है. (नीचे भी पढ़े)
साथ ही पीएलवी को भी आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं. डालसा सचिव के अनुसार जिला प्रशासन को भी पत्र भेजा गया है. इसमें पीड़िता को सरकारी योजनाओं का लाभ देने को कहा जा रहा है. पीड़िता के पुनर्स्थापन के लिए उचित मुआवजा देने की पहल शुरू कर दी गयी है. सचिव खुद भी पीड़िता से मिलकर घटना की जानकारी ले रहे हैं. विदित हो कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना कि समाज के आर्थिक रूप से कमजोर, वंचित या अक्षम वर्गों को मुफ़्त और सक्षम कानूनी सहायता प्राप्त हो सके, ताकि कोई भी व्यक्ति अथवा पीड़िता आर्थिक या अन्य कारणों से न्याय से वंचित न रहे.(नीचे भी पढ़े)
क्या है मामला: यह घटना 29 अक्टूबर की रात की है. गम्हरिया थाना क्षेत्र के दुग्धा पंचायत की रहने वाली एक 20 साल की महिला पति के साथ हुई कहासुनी के बाद भय से सुरक्षा मांगने रात में थाना पहुंची थी.आरोप है कि थाने के एक कमरे में देर रात पुलिसकर्मी नीरज लकड़ा ने उसके साथ दुष्कर्म किया. महिला ने इस घटना का विरोध भी किया. इस दौरान उसे चोट भी आई. उसने कमरे में रखे एक चाकू से आरोपी पुलिस की एक उंगली काट दी.सुबह में पुलिसकर्मियों ने पीड़िता को 700 रुपये देकर उसे मायके चले जाने को कहा. महिला ने पति को इस घटना की जानकारी दी. इसके बाद 31 अक्टूबर को उसने थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी. सरायकेला के एसपी मनोज स्वर्गियारी ने जांच के लिए इस मामले में एसआईटी गठित की. वे खुद भी रविवार को गम्हरिया थाना पहुंचे और घटना तथा पुलिस जांच की जानकारी ली. इस मामले में 15 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया है. जबकि आरोपी सिपाही नीरज लकड़ा के अलावा एक सब इंस्पेक्टर और थाने के मुंशी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.एसपी ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) हर बिंदु की गहन पड़ताल कर रही है. घटना में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी पुलिसकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा. इधर इस मामले में विपक्षी दल महिला सुरक्षा के सवाल पर सरकार पर लगातार सवाल खड़े कर रहे हैं.












