वॉशिंगटन : सौरमंडल में ग्रहों की संख्या बढ़ सकती है. शक्तिशाली वेरा रुबिन ऑब्जर्वेटरी ने नेपच्यून (वरुण) के पार अंतरिक्ष के बेहद ठंडे इलाके में सूर्य का चक्कर लगा रहे ऐसे पिंड का पता लगाया है, जिसे एक्सपर्ट एक बौना ग्रह (ड्वार्फ प्लानेट) मान रहे हैं. ‘2026 ED138’ नाम का यह बर्फीला पिंड 600 से 1500 किलोमीटर (373 से 972 मील) चौड़ा हो सकता है. इसके ड्वार्फ प्लानेट होने की पुष्टि होती है तो एक बड़ी घटना होगी. खोजी गई यह चीज इतनी बड़ी है कि अपने गुरुत्वाकर्षण बल के कारण एक गोले का आकार ले सकती है. यही वह मुख्य विशेषता है, जो बौने ग्रहों को क्षुद्र ग्रहों (एस्टेरॉयड्स) और अंतरिक्ष की छोटी चट्टानों से अलग करती है. अगर 2026 ED138 सच में बौना ग्रह है तो यह खगोल विज्ञान के लिहाज से बड़ी बात होगी. अब तक खगोलविदों ने केवल पांच ऐसे ग्रहों- प्लूटो, सेरेस, एरिस, हौमेया और माकेमाके की पुष्टि की है. (नीचे भी पढ़ें)

2026 ED138 की खोज मैथ्यू होलमैन ने की, जो ‘सेंटर फॉर एस्ट्रोफिजिक्स (सीएफए) में काम करते हैं. यह अहम खोज 13 अक्टूबर को हुई, जब होलमैन ने रुबिन ऑब्जर्वेटरी से पहले जुटाए गए डेटा को एक ऐसे सर्च कोड के जरिए प्रोसेस किया, जिसे उन्होंने अपने सीएफए सहयोगी केविन नेपियर के साथ मिलकर तैयार किया था. 2026 ED138 की खोज की घोषणा के दिन (27 अक्टूबर को) होलमैन ने कहा, ‘मेरी पहली प्रतिक्रिया यह थी कि क्या यह सच है! इस तरह के पिंड बहुत दुर्लभ होते हैं. मैंने तुरंत जांचना शुरू कर दिया कि कहीं मुझसे या मेरे कोड से कोई गलती तो नहीं हुई है. जांच के तहत रुबिन ऑब्जर्वेटरी के कैटलॉग को खंगाला गया. रुबिन एक काफी नया टेलीस्कोप है, फिर भी इसका कैटलॉग विशाल है. (नीचे भी पढ़ें)
वेरा रुबिन ऑब्जर्वेटरी उत्तरी चिली में 8,799 फुट (2,682 मीटर) ऊंचे सेरो पचोन पर्वत पर स्थित है. इसमें 28 फुट (8.4 मीटर) चौड़ा मुख्य दर्पण लगा है. इस टेलीस्कोप ने अप्रैल 2025 में पहली बार तस्वीरें लीं (फर्स्ट लाइट) और इस साल जून में अपना मुख्य प्रोजेक्ट 10 साल तक चलने वाला ‘लिगेसी सर्वे ऑफ स्पेस एंड टाइम’ (एलएसएसटी) शुरू किया. एलएसएसटी के दौरान रूबिन टेलीस्कोप 3.2-गीगापिक्सल कैमरे का इस्तेमाल करके हर कुछ दिनों में पूरे दक्षिणी आकाश की तस्वीरें लेता है. यह खगोल विज्ञान के लिए अब तक बनाया गया सबसे बड़ा डिजिटल कैमरा है. इस काम से एक हाई-रिजॉल्यूशन टाइम-लैप्स मूवी बनती है, जो ब्रह्मांड के बारे में बहुत कुछ बता सकती है. ‘2026 ED138’ वर्तमान में सूर्य से 46 खगोलीय इकाइयों (एयू) की दूरी पर स्थित है. एक एयू पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी है (लगभग 93 मिलियन मील या 150 मिलियन किलोमीटर). यह सूर्य से प्लूटो की औसत दूरी (जो 40 AU है) से भी आगे स्थित है. इस खगोलीय पिंड के बारे में अभी भी बहुत कुछ जानना बाकी है. खगोलशास्त्री जब तक इसके सटीक आकार का पता नहीं लगा लेते, तब तक यह स्पष्ट नहीं होगा कि यह एक बौना ग्रह है या नहीं. इसके लिए इन्फ्रारेड प्रकाश में अवलोकन (ऑब्जर्वेशन) करने की आवश्यकता होगी. यह तरंग दैर्ध्य की वह रेंज है, जिसके लिए नासा का जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप विशेष रूप से डिजाइन किया गया है.












