
आदित्यपुर : सरायकेला-खरसावां जिला पुलिस ने भाजपा नेता सह कारोबारी सुजय नंदी हत्याकांड का खुलासा करते हुए चार अपराधियों को शनिवार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. आपको बता दें कि बीते 17 दिसंबर को बेखौफ अपराधियों ने सुजय नंदी की आदित्यपुर थाना अंतर्गत एस टाईप चौक के समीप उसके घर के पास हत्या कर दी थी. जिसके बाद आदित्यपुर की जनता आक्रोशित हो उठी थी और अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर टाटा- कांड्रा मुख्य सड़क जाम कर दिया था. वहीं हत्यारों की गिरफ्तारी और परिवार को सुरक्षा के आश्वासन पर लोगों ने सड़क जाम हटा लिया था. वैसे पुलिस के खिलाफ लोगों की नाराजगी काफी थी. बहरहाल शनिवार को आदित्यपुर थाना पुलिस ने मामले का उद्भेदन करते हुए सागर गोप, प्रदीप मान, इमदाद खान और आशीष दीप को एक देसी कट्टा, एक कारतूस एवं चार मोबाईल फोन के साथ गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. जानकारी देते हुए एसपी एम अर्शी ने बताया कि मुख्य अभियुक्त प्रदीप मान प्राथमिक अभियुक्त थे, सागर गोप के पास से कट्टा बरामद किया गया है. वहीं दोनों की निशानदेही पर इमदाद और आशीष को गिरफ़्तार किया गया है. इमदाद पुराना हिस्ट्रीशीटर अपराधी बताया जाता है. प्रदीप मान भी कई मामलों का अभियुक्त बताया जा रहा है. वहीं जेल में बंद अपराधकर्मी कृष्णा गोप की संलिप्तता से एसपी ने इंकार करते हुए अभी जांच जारी होने की बात कही. आपको बता दें कि घटना में शुरू से ही कुख्यात अपराधी कृष्णा गोप का नाम सामने आ रहा था, लेकिन फिलहाल पुलिस ने इंकार किया है. (नीचे भी पढ़ें)
एक तरफ एसपी कर रहे थे प्रेस कांफ्रेंस, दूसरी ओर गिरफ्तार आरोपियों के परिजन मांग रहे थे इंसाफ
सुजय नंदी हत्याकांड का सरायकेला पुलिस ने शनिवार को खुलासा करते हुए चार अपराधियों इमदाद खान, सागर गोप आशीष दीप, प्रदीप मान को एक देसी कट्टा, एक जिंदा कारतूस और चार मोबाइल फोन के साथ गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया. जिले के एसपी का दावा है कि इन अपराधियों ने कारोबारी सुजय नंदी की हत्या की है. एक तरफ एसपी आदित्यपुर थाने में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी मीडिया को जानकारी दे रहे थे. वही चारों अपराधियों के परिजन थाना परिसर में ही पुलिस द्वारा गिरफ्त में लिए गए सभी आरोपियों को निर्दोष बताते हुए पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे थे. परिजनों का कहना था कि पुलिस ने धोखे से उनके बच्चों को उठा लिया है. हालांकि एसपी ने अभी जांच जारी होने की बात कही. वहीं घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जिस अपराधकर्मी का नाम सामने आ रहा था, वह अभी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया है. आपको बता दें कि घटना के दिन से ही संजीव लोहार नामक अपराधकर्मी का नाम सामने आ रहा था, लेकिन वह अभी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया है. तो क्या यह गिरफ्तारी आनन-फानन में की गई है! वैसे इनमें से दो का आपराधिक इतिहास बताया जा रहा है. वैसे पुलिस ने इस बात से भी इनकार किया है कि कारोबारी की हत्या के पीछे जेल में बंद कुख्यात अपराधी कर्मी कृष्णा गोप का हाथ है या नहीं. जबकि सुजय के परिजनों ने इसके पीछे कृष्णा गोप का हाथ होने की बात कही थी, और एफआईआर में उसका भी नाम दर्ज कराया है. हालांकि पुलिस की गिरफ्त में आए दो अपराधकर्मी इस मामले में नामजद अभियुक्त हैं.






