
सरायकेला : झारखंड इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी पूर्व का आयडा और वर्तमान में जियाडा के रूप में उद्योगों के लिए जमीन एवं बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने वाली संस्था के सरायकेला के आदित्यपुर कार्यालय परिसर में विस्थापित, शिक्षित युवा एवं जियाडा संयुक्त विकास समिति द्वारा एकदिवसीय धरना प्रदर्शन करते हुए जियाडा प्रशासन से गम्हरिया अंचल के विस्थापितों के लिए बनाए गए रापचा गांव में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की मांग की गई. साथ ही इन्होंने ज़ियाडा द्वारा विभिन्न योजनाओं के लिए मूलवासियों के अधिग्रहित जमीनों पर वर्षों से लंबित योजनाओं को धरातल पर उतारने एवं नहीं उतार पाने की सूरत में मूल रैयतों को उनका जमीन वापस किए जाने की मांग की. इन्होंने बताया, कि टायो, सिटी सेंटर सहित करीब दो सौ उद्योगों के लिए लिए गए जमीन की योजनाएं अधर में है. वही आयडा में काम कर रहे अनुबंधित कर्मचारियों को पीएफ, ईएसआईसी, एवं न्यूनतम मजदूरी नहीं दिए जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा जब उद्योगों को संचालित करने वाली संस्था ही मजदूरों के लिए तय मानकों का प्रयोग नहीं कर रही है, तो उद्यमी अपने यहां काम कर रहे मजदूरों को कैसे ये सारी सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे. वैसे आज महज धरना प्रदर्शन कर चेतावनी दिए जाने की बात उन्होंने कही. साथ ही चेतावनी दिया कि आने वाले दिनों में आयडा के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन भी किया जाएगा.






