पटना: पटना में शुक्रवार को विपक्षी दलों की बड़ी बैठक होगी. इस बैठक में करीब 18 दल के नेता शामिल होंगे. कुछ पार्टी के नेता पटना पहुंच गए है और बाकी कल पहुंचने की उम्मीद है. नेताओं के आने का सिलसिला शुरु हो गया है.गुरुवार को 4 सीएम और 1 पूर्व मुख्यमंत्री बिहार पहुंच गए हैं. इनमें बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के अलावा जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती शामिल हैं.पटना आने के बाद ममता बनर्जी राबड़ी आवास पहुंचीं. राबड़ी देवी ने बुके देकर उनका स्वागत किया. ममता बनर्जी ने लालू प्रसाद का पैर छूकर आशीर्वाद लिया. हम लालू जी की बहुत इज्जत करते हैं. उनसे मिलकर मुझे बहुत अच्छा लगा. लालू जी देश के काफी सीनियर लीडर हैं. वे बहुत दिन जेल में थे. उनकी तबीयत ठीक नहीं थी. उनसे बात कर लगा कि लालू जी अभी भी बहुत तगड़े हैं और बीजेपी के खिलाफ लड़ सकते हैं. (नीचे भी पढे)
मुलाकात के बाद वे पटना के सर्किट हाउस चली गईं.वहीं, बुधवार को भी अरविंद केजरीवाल ने नीतीश कुमार समेत सभी पार्टियों को चिट्ठी लिखकर कहा था- मीटिंग में सबसे पहले केंद्र के अध्यादेश पर चर्चा होनी चाहिए. दिल्ली का अध्यादेश एक प्रयोग है, यह सफल हुआ तो केंद्र सरकार गैर भाजपा राज्यों के लिए ऐसे ही अध्यादेश लाकर राज्य सरकारों का अधिकार छीन लेगी.पीडीपी सुप्रीमो महबूबा मुफ्ती गुरुवार सुबह 10:20 बजे पटना पहुंचीं. इसके बाद वे बोधगया चली गईं और महाबोधी मंदिर में पूजा अर्चना की. (नीचे भी पढे)
इधर, पटना पहुंचने के बाद अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान पटना सिटी के तख्त श्रीहरिमंदिर गुरुद्वारा पहुंचे और मत्था टेका और प्रार्थना की.इससे पहले भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य और भाकपा महासचिव डी.राजा भी पटना पहुंचे.यह बैठक मुख्यमंत्री आवास पर होगी, जिसमें न्यूनतम साझा कार्यक्रम तय हो सकता है. बातचीत का मुख्य एजेंडा यह हो सकता है कि भाजपा और उसके सहयोगियों के खिलाफ संयुक्त विपक्ष का एक ही उम्मीदवार खड़ा किया जाए. भाजपा हराओ का प्रस्ताव पारित हो सकता है. (नीचे भी पढे)
खड़गे, राहुल, शरद, हेमंत शुक्रवार को पहुंचेंगे: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, एनसीपी के मुखिया शरद पवार, सुप्रिया सुले और प्रफुल्ल पटेल, नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रधान फारूक अब्दुल्ला, शिवसेना (उद्धव बाला साहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, माकपा महासचिव सीताराम येचुरी आदि 23 जून को आएंगे. जदयू व राजद के नेता मेजबान की भूमिका में होंगे.





