पटना: सोमवार को बिहार की राजनीति में घटनाक्रम तेजी से बदला. एक तरफ उमेश कुशवाहा बीजेपी से सवाल करने के बाद नीतीश कुमार और संजय झा से मिलने पहुंचे. ठीक उसी समय जन सुराज का एक शिष्टमंडल विधानपरिषद पहुंच चुका था. ये प्रतिनिधिमंडल एमएलसी चुनाव जीतने वाले निर्दलीय प्रत्याशी बंशीधर बृजवासी और राहुल राज की सदस्यता के खिलाफ विधान परिषद पहुंचा.विदित हो कि दोनों ही उम्मीदवार जीत के बाद शनिवार को भाजपा ऑफिस पहुंचे और पार्टी की सदस्यता ली थी. लेकिन इसको लेकर राजद और जन सुराज समेत तमाम विपक्ष हमलावर हो गया. संविधान की दसवीं अनुसूची, जिसमें दल बदल कानून का प्रावधान है, उसको आधार बनाते हुए विपक्ष ने बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज की सदस्यता रद्द करने की मांग की. अब सोमवार को यही मांग लेकर प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज का प्रतिनिधिमंडल बिहार विधान परिषद के सभापति प्रो. (डॉ.) रामवचन राय के पास पहुंचा.जन सुराज पार्टी के जिस प्रतिनिधिमंडल ने बिहार विधान परिषद सभापति से मुलाकात की, उनमें पूर्व एमएलसी रामबली चंद्रवंशी, पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना, अधिवक्ता पार्थ, ओबैदुर्रहमान, सुभाष कुशवाहा समेत कई और नेता थे.(नीचे भी पढ़े)
किशोर कुमार मुन्ना ने कहा कि ‘तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित निर्दलीय एमएलसी बंशीधर बृजवासी और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित निर्दलीय एमएलसी राहुल राज ने चुनाव जीतने के 72 घंटे भी पूरे नहीं हुए थे कि भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. संविधान की दसवीं अनुसूची के प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई निर्दलीय निर्वाचित सदस्य चुनाव जीतने के बाद किसी राजनीतिक दल की सदस्यता ग्रहण करता है, तो उसकी सदस्यता समाप्त की जा सकती है. इसे लेकर प्रतिनिधिमंडल ने सभापति महोदय से मुलाकात की और उनसे इस पूरे प्रकरण पर संज्ञान लेते हुए संबंधित पक्ष को नोटिस जारी करने की मांग की.हमने मामले में भारत निर्वाचन आयोग, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार, मुख्य सचिव और संबंधित आयुक्त को भी पक्षकार बनाया है. हमने मांग की है कि बंशीधर बृजवासी और राहुल राज द्वारा भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने से संबंधित साक्ष्यों पर उचित कार्रवाई की जाए. दोनों नेताओं ने स्वयं सार्वजनिक रूप से भाजपा में शामिल होने और पार्टी की सदस्यता लेने की बात स्वीकार की है.












