जमशेदपुर : केंद्रीय बजट पर भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआइआइ) के चेयरमैन सह आरएसबी ग्रुप के एमडी सह वाइस प्रेसिडेंट एसके बेहरा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. श्री बेहरा ने कहा है कि वित्त मंत्री, निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया भारतीय संघ बजट 2025 एक परिवर्तनकारी और समावेशी रोडमैप है, जो समाज के हर वर्ग की आकांक्षाओं को संबोधित करते हुए भारत के आर्थिक विकास की मजबूत नींव रखता है. सीआइआइ पूर्वी क्षेत्र के चेयरमैन और आरएसबी ग्रुप के एमडी एवं उपाध्यक्ष के रूप में, उन्होंने सरकार की इस दूरदर्शी पहल की सराहना करते हैं, विशेष रूप से मध्यम वर्ग को प्रदान की गई महत्वपूर्ण राहत, जो इस बजट का एक प्रमुख आधार है. (नीचे भी पढ़ें)
यह घोषणा कि 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई आयकर नहीं लगेगा, एक ऐतिहासिक निर्णय है, जो मध्यम वर्ग को बहुत जरूरी राहत प्रदान करेगा, डिस्पोजेबल आय में वृद्धि करेगा और खपत को बढ़ावा देगा. श्री बेहरा ने कहा कि यह कदम, किराए पर टीडीएस सीमा को 2.40 लाख से बढ़ाकर 6 लाख रुपये करने के साथ, छोटे करदाताओं पर वित्तीय बोझ को कम करने और आर्थिक समावेशन को बढ़ावा देने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. गिग इकॉनमी को औपचारिक रूप देने के लिए गिग वर्कर्स को पहचान पत्र और पंजीकरण प्रदान करने पर बजट का ध्यान एक प्रगतिशील कदम है, जो सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करेगा और फ्रीलांस और अनुबंधित कार्यबल के लिए लाभों को सुव्यवस्थित करेगा. (नीचे भी पढ़ें)
यह पहल न केवल गिग वर्कर्स को सशक्त करेगी, बल्कि अर्थव्यवस्था के औपचारिकरण में भी योगदान देगी. श्री बेहरा ने बजट की बारीकियों के बारे में बताते हुए कहा कि धन धान्य कृषि योजना की शुरुआत, जिसका लाभ 1.7 करोड़ किसानों को मिलेगा और ग्रामीण रोजगार के अवसर सृजित होंगे, एक स्वागत योग्य कदम है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा और पलायन को कम करेगा. इसके अलावा, टीडीएस दरों और सीमाओं का युक्तिसंगत बनाना कर प्रक्रिया को सरल और करदाता-अनुकूल बनाएगा. भारत को खिलौना निर्माण के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की सरकार की पहल एक रणनीतिक कदम है, जो विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेगा, रोजगार सृजित करेगा और उच्च गुणवत्ता, नवोन्मेषी और टिकाऊ भारतीय निर्मित खिलौनों को बढ़ावा देगा. यह आत्मनिर्भर भारत के विजन के साथ पूरी तरह से मेल खाता है. बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री बेहरा ने बताया कि पर्यटन पर बजट का ध्यान, विशेष रूप से 50 शीर्ष पर्यटन स्थलों का विकास और “हील-इन-इंडिया” पहल के माध्यम से मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देना, न केवल पर्यटन क्षेत्र को मजबूत करेगा, बल्कि भारत को एक वैश्विक स्वास्थ्य सेवा गंतव्य के रूप में स्थापित करेगा. (नीचे भी पढ़ें)
एसके बेहरा ने कहा कि इसके अतिरिक्त, 36 जीवनरक्षक दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (बीसीडी) से छूट सरकार की इस प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि स्वास्थ्य सेवाओं को सभी नागरिकों के लिए अधिक सुलभ और सस्ता बनाया जाए. पूर्वी क्षेत्र, जिसमें अपार संभावनाएं हैं, इन पहलों से बहुत लाभान्वित होगा. श्री बेहरा ने कहा कि वे लोग आशांवित हैं कि ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और कौशल निर्माण पर बजट का ध्यान इस क्षेत्र में समावेशी विकास और जीवन स्तर में सुधार लाएगा. हालांकि बजट ने एक सकारात्मक माहौल बनाया है, लेकिन इसके सफल क्रियान्वयन के लिए सभी हितधारकों के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता होगी. उद्योग जगत के नेता के रूप में, हम सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं ताकि इन उपायों का लाभ देश के हर कोने तक पहुंच सके. श्री बेहरा ने अंत में, यह बजट भारत की लचीलापन और महत्वाकांक्षा का प्रतीक है. यह न केवल अर्थव्यवस्था की तात्कालिक जरूरतों को पूरा करता है, बल्कि एक उज्ज्वल और समृद्ध भविष्य का मार्ग भी प्रशस्त करता है. हमें पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के नेतृत्व में भारत वैश्विक मंच पर और भी अधिक चमकेगा



