
दुमका : दुमका विधानसभा के चल रहे उपचुनाव के दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने चुनाव प्रचार के दौरान यह बयान दिया था कि तीन माह के भीतर झारखंड की हेमंत सोरेन की सरकार को गिरा दी जायेगी और भाजपा की सरकार तीन माह के बाद बना दिया जायेगा. 31 अक्तूबर को उनका बयान लगभग सारे अखबारों में आया है जबकि सरकार गिराने की खुलेआम घोषणा कर दी है. उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि भाजपा की सरकार आने के बाद वैसे अधिकारी जो झारखंड की सरकार का झंडा ढो रहे है, उनको कालापानी की सजा देंगे. दीपक प्रकाश ने यह आरोप लगाया था कि कई अधिकारी सरकार का झंडा ढो रहे है और झामुमो को जीताने का काम कर रहे है. इस बयान के बाद सियासी भूचाल आ गया था. इस बीच शनिवार को कांग्रेस के दुमका जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्यामल किशोर सिंह ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश के खिलाफ लोकतंत्र की हत्या करने की धमकी देने, लोकतंत्र के विरुद्ध षड़यंत्र रचने और संवैधानिक सरकार को अस्थिर करने के कलिए षड़यंत्र करने की कोशिश में लगे होने के प्रमाण के कारण उनके विरुद्ध आइपीसी की धारा 504, 506, 120 बी और 124 ए के तहत प्राथमिकी दर्ज करायी है.

उन्होंने दुमका के नगर थाना में यह एफआइआर लिखित तौर पर दी है, जिसको मंजूर करते हुए थानेदार ने दीपक प्रकाश के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दायर कर दिया है. अपने एफआइआर में शिकायतकर्ता कांग्रेस के दुमका जिला कांग्रेस के अध्यक्ष श्याम किशोर सिंह ने कहा है कि भाजपा अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने 31 अक्तूबर को दुमका में आयोजित प्रेस वार्ता में लोकतंत्र की हत्या करने की धमकी देते हुए कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार को दो माह में अस्थिर कर भाजपा की सरकार बनायी जायेगी. एफआइआर में कहा गया है कि लोकतांत्रिक तरीके से चुनी और गठित सरकार के खिलाफ षड़यंत्र करना, लोकतांत्रिक व्यवस्था की हत्या की धमकी देना, संविधान के प्रावधान और भारतीय दंड संहिता के खिलाफ है. उन्होंने इसको लेकर छपी हुई खबरों के कटिंग भी संलग्न किये है. इसको लेकर केस रजिस्टर्ड करते हुए थाना प्रभारी ने वहां के पीएसआइ उमेश कच्छप को जांच का प्रभार दिया है और अनुसंधान पदाधिकारी बनाया है.














