
रामगोपाल जेना
चक्रधरपुर : प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं होती, सिर्फ जुनून और शिद्दत के साथ काम करने की तमन्ना दिल में होनी चाहिए। इसी जुनून को साथ लिए चल पड़े थे सरांडा जंगल की तलहटी में पले बढ़े सोनुवा प्रखंड के बेलपोस ग्राम के छात्र हरिश्चंद महतो। विपरीत धाराओं के बीच हरिश्चंद को बचपन से कला और लेखन का शौक था जो अब उनकी पहचान बन गई है। उनके इसी शौक के कारण उन्होंने कुछ अलग करने की ठानी। हमेशा कुछ अलग करने की चाह में उन्होंने मधुसूदन महतो टीचर्स ट्रेनिंग चक्रधरपुर में शिक्षा स्नातक (बीएड ) के विदाई समारोह को यादगार बनाने के हेतु महज 20 दिनों की कठिन मेहनत द्वारा सभी शिक्षकों और सहपाठियों का चित्र बना डाला। समस्त छात्र छात्राओं व गुरुजनों का कुल 222 चित्र बनाकर उन्हें उपहार स्वरूप प्रदान किया जो अब एक राष्ट्रीय स्तरीय रिकॉर्ड के रूप में अंकित हो गया। उनके इस कार्य को बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स नामक संस्था ने अपने रिकॉर्डों के संकलन में जगह प्रदान कि है। बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स भारत की उन संस्थाओं में से है जो देश के अन्तर्गत होने वाले सभी प्रकार के सर्वश्रेष्ठ कार्यों, चुनौतियों का संकलन करती है।

हरिश्चंद्र वर्तमान में कोल्हान विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग से शिक्षा ग्रहण कर रहा है। ज्ञात हो कि हरीश को लेखन ओर चित्रकला में राज्य व राष्ट्रीय स्तरीय भी कई पुरस्कार व सम्मान प्राप्त हो चुके है। उन्होंने अपने कला को कभी किसी संस्थान से नहीं सीखा बल्कि निरंतर मेहनत करते रहे। हरिश्चंद्र बताते है कि उनके माता-पिता उनके इस उपलब्धि पर बेहद खुश हैं। वर्तमान समय में यू-ट्यूब और सोशल मीडिया एक ऐसा क्षेत्र है जहां से कला व अन्य क्षेत्रों में रुचि रखने वालों के लिए बहुत कुछ सीखने के लिए मिल जाता है जिसका सदुपयोग स्वयं को निखारने के लिए करना चाहिए।















