
जमशेदपुर : शिल्पी देव भगवान विश्वकर्मा की पूजा 17 सितंबर को है. वैसे वैश्विक महामारी के इस दौर में सभी उद्योग-धंधे पूरी तरह से ठप्प पड़े हैं. इधर सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर स्थित औद्योगिक क्षेत्र में इस साल विश्वकर्मा पूजा की धूम नहीं के बराबर रहेगी. एक तो वैश्विक मंदी, दूसरी तरफ वैश्विक महामारी कोरोना का कहर. हालांकि पूजा तो होना है. इस संबंध में जब मूर्तिकारों से जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने वैश्विक संकट के इस दौर में मूर्तियों की बिक्री की बात तो कही, लेकिन अन्य सालों की तुलना में इस साल छोटी मूर्तियों की डिमांड अधिक बताया. निश्चित तौर पर कोरोना संक्रमण काल में लगभग सभी प्रभावित हुए हैं. वहीं बाजार की अगर हम बात करें तो सोषल डिस्टेंसिंग के तहत बाजार तो खुल रहे हैं, लेकिन खरीददार काफी सावधानी बरत रहे हैं. ऐसे में साफ समझा जा सकता है, कि कोरोन के कहर का असर विश्वकर्मा पूजा में भी देखने को मिल सकता है. वैसे पिछले छः महीनों से पूरे देश में पर्व- त्यौहारों के मनाने का नियम और कायदा बदल चुका है. लगभग सभी पर्व त्यौहारों के दायरे सिमटकर रह गए हैं.






