जमशेदपुर : झारखंड सरकार की कथित दमनकारी नीतियों और छात्रों एवं युवाओं की आवाज दबाने के विरोध में आजसू पार्टी छात्र मोर्चा, पूर्वी सिंहभूम के नेतृत्व में बुधवार की संध्या साकची स्थित सुभाष मैदान में झारखंड सरकार का पुतला दहन कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आजसू कार्यकर्ता, छात्र एवं युवा शामिल हुए. कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की. इस बीच पुलिस बड़ी संख्या में मौजूद थी जो पुतला दहन नहीं करने देने का दबाव बना रही थी वही पुलिस द्वारा पुतला छीनने का बहुत प्रयास किया गया जिसमें आजसू और पुलिस के बीच धक्का मुक्की भी किया गया. (नीचे भी पढ़ें)
पुतला दहन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आजसू पार्टी के प्रधान महासचिव रामचंद्र सहिस ने कहा कि झारखंड की हेमंत सरकार सत्ता के अहंकार में लोकतांत्रिक मूल्यों को भूलती जा रही है. उन्होंने कहा कि जब सरकार आजसू के आंदोलनकारी युवाओं और छात्रों की आवाज का राजनीतिक रूप से सामना नहीं कर पा रही है, तब पुलिस और प्रशासन को आगे कर आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है. श्री सहिस ने कहा कि आजसू के कार्यकर्ता संघर्ष की पाठशाला से निकले हैं. उन्हें पुलिस के बल पर डराया या आंदोलन से पीछे हटाया नहीं जा सकता. सरकार को यह समझ लेना चाहिए कि सत्ता स्थायी नहीं होती, लेकिन जनता के सवाल और संघर्ष हमेशा जिंदा रहते हैं. उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य, रोजगार, शिक्षा और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए, न कि सवाल पूछने वालों के खिलाफ दमन का रास्ता अपनाना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने दमन की नीति जारी रखी तो आजसू पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को और व्यापक करेगी. पुलिस को आगे कर सरकार चला रही हिटलरशाही : कन्हैया सिंहआजसू पार्टी जिला अध्यक्ष कन्हैया सिंह ने हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हेमंत सरकार पुलिस को आगे कर हिटलरशाही पर उतर आई है. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के लोग जब आजसू के आंदोलनकारी कार्यकर्ताओं का राजनीतिक रूप से सामना नहीं कर पाते हैं, तब पुलिस-प्रशासन का इस्तेमाल कर आवाज दबाने का प्रयास किया जाता है. कन्हैया सिंह ने कहा कि झारखंड के युवा किसी के रहमोकरम पर नहीं, बल्कि अपने अधिकार के लिए लड़ रहे हैं. लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना अपराध नहीं है और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है. (नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं के आंदोलन को पुलिस के बल पर कुचलने की कोशिश सरकार की कमजोरी को दर्शाती है. उन्होंने कहा कि आजसू पार्टी किसी दबाव में आने वाली नहीं है. जिस मुद्दे पर जनता की आवाज दबाई जाएगी, उसी मुद्दे पर आजसू सड़क पर उतरेगी. उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर जनहित के सवालों को लेकर संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया. आजसू नेताओं ने कहा कि पुतला दहन केवल प्रतीकात्मक विरोध नहीं, बल्कि सरकार की नीतियों के खिलाफ जनता के बढ़ते आक्रोश की अभिव्यक्ति है. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में छात्रों, युवाओं और आम जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन को और धार दी जाएगी. कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया. (नीचे भी पढ़ें)
नेताओं ने स्पष्ट किया कि जनता के अधिकार, युवाओं के भविष्य और लोकतांत्रिक मूल्यों से समझौता नहीं किया जाएगा. आजसू छात्र मोर्चा ने कहा कि सरकार यदि अपनी दमनकारी कार्यशैली में बदलाव नहीं करती है, तो पार्टी चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को और व्यापक करेगी. कार्यक्रम में पार्टी एवं छात्र मोर्चा के जिला पदाधिकारी, प्रखंड पदाधिकारी, युवा एवं छात्र कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे. इस मौके पर कन्हैया सिंह , कमलेश दुबे, चंद्रेश्वर पांडेय, अप्पू तिवारी , देवाशीष चौधरी,अक्ष सिन्हा, मंगल टुडू, चंदन सिंह, मंटू शुक्ला, विकास मुंडा, रामदेव हेंब्रम, संगीता सिंह, अरूप मल्लिक, सुधीर सिंह, ललन झा, जमाल खान, मुन्ना भाई ,जितेंद्र यादव, संजय साहू,मनोज महतो, ललित सिंह, परवीन प्रसाद, राजेंद्र सोनकर, राज सिंह, संजय सिंह, सोनू सिंह, हैरी एंथोनी, समेत सैकड़ों युवा साथी मौजूद रहे.















