
चाकुलिया : बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात तूफान ”अम्फान” ओड़िशा होते हुए झारखंड सीमा में प्रवेश होने की सूचना मिली है. बंगाल दक्षिण-पूर्वी खाड़ी और उसके आसपास के क्षेत्र में उठा भीषण चक्रवात ‘अम्फन’ सोमवार की दोपहर बाद भयंकर चक्रवाती तूफान में बदल गया. बताया जाता है कि 220 से 240 किलोमीटर की रफ़्तार से हवा बहने लगी. खतरे की आशंका के मद्देनजर ओडिशा और पश्चिम बंगाल में एनडीआरएफ की टीम तैनात कर दिया गया है जबकि भारतीय तट रक्षक बल को भीतैनात कर दिया गया है.
इस बीच तूफान को लेकर सोमवार की साम नपं प्रशासन द्वारा नगर पंचायत क्षेत्र के विभिन्न वार्ड में माइकिंग से प्रचार प्रसार कर लोगों को आगाह किया गया है. माइकिंग के माध्यम से कहा गया कि जिनके पास रहने के घर नही है या कच्चा और जर्जर मकान है वे सुरक्षा की दृष्टिकोण से सरकारी भवन में शरण ले सकते हैं. कहा गया कि 19 और 20 मई को तूफान में घर से बाहर ना निकलें, घर पर रहे और सुरक्षित रहे. अगर किसी प्रकार की असुविधा हो तो कंट्रोल रूम में समपर्क कर जानकारी दे प्रशासन द्वारा हर संभव सहयोग किया जाएगा.

बहरागोड़ा थाना प्रभारी ने भी किया आगाह
कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी से बचने के लिए ग्रामीण अपने-अपने घरों में दुबके हुए हैं और प्रशासन पूर्णरूप से लाक डाउन पालन कराने में जुटी हुई है. वही कोरोना के बीच ओड़िशा से आ रहे चक्रवात तूफान अम्फान को लेकर लोगों में दहशत है. तूफान को लेकर स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है. सोमवार को बहरागोड़ा के थाना प्रभारी चंद्रशेखर कुमार और पुलिस अवर निरीक्षक रवि रंजन कुमार और स्थानीय चौकीदार द्वारा थाना क्षेत्र के राशन, गम्हरिया, बेला और बाजार में घुम-घुमकर माइकिंग से प्रचार प्रसार कर लोगों को तूफान से आगाह किया गया. थाना प्रभारी ने बताया कि वरीय पदाधिकारी के निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्र में प्रचार प्रसार किया गया है. कहा कि प्रशासन ने माइकिंग के माध्यम से कच्चे मकान और जर्जर मकान में रह रहे लोगों से अपील किया गया है कि वे सभी सुरक्षित स्थान पर चले जायें ताकि तूफान से किसी प्रकार की जान माल की क्षति ना पहुंचे. उन्होंने कहा कि तूफान को लेकर प्रशासन पुरी तरह से अलर्ट है.















