जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डीडी बार के बाहर पुलिस की जीप से उतारकर चापड़ के हमला के मामले में चार दिनों से चल रहा गतिरोध बुधवार की शाम को समाप्त हो गयी. इस गतिरोध के बाद यह तय हो गया है कि अब मारे गये युवक हिमांशु सिंह का अंतिम संस्कार कर दिया जायेगा. सुबह से चले हंगामा और बवाल के बाद शाम करीब चार बजे जमशेदपुर के उपायुक्त के निर्देश पर एसडीओ ने लिखित तौर पर आश्वासन दिया, जिसके बाद उनके पिता अरविंद सिंह ने शव को लेने के लिए टीएमएच चले गये और अंतिम संस्कार कुछ देर बाद बिष्टुपुर स्थित पार्वति घाट में कर दिया जायेगा. (नीचे भी पढ़ें)

जिला प्रशासन ने इस दौरान लिखित तौर पर उनके पिता अरविंद कुमार सिंह का आवेदन लिया, जिसमें लिखा गया है कि 27 जून को बिष्टुपुर स्थित डीडी बार के बाहर सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर के शांतिनगर निवासी हिमांशु सिंह (30 वर्ष) को पीसीआर वैन संख्या 7 में कार्यरत एएसआइ राजेश कुमार, रतन कुमार, मनोज कुमार और अन्य पुलिसकर्मियों की उपस्थित में हमलावरों द्वारा उनके पुत्र हिमांशु सिंह को धारदार हथियारों से बुरी तरह से पीसीआर वैन के अंदर जख्मी कर दिया गया जबकि उपरोक्त पुलिसकर्मियों द्वारा हमलावरों को रोकने की कोशिश नहीं की गयी और वे मूकदर्शक बने रहे. (नीचे भी पढ़ें)

इस हमले में घायल हिमांशु की इलाज के दौरान मौत हो गयी. उन्होंने कहा कि इस जघन्य हत्याकांड में शामिल सभी अपराधियों को अविलंब गिरफ्तार कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर कड़ी सजा दी जाये. स्वर्गीय हिमांशु सिंह की धर्म पत्नी रिचा कुमारी को उनके शैक्षणिक अहर्ता के अनुसार सरकारी नौकरी देने के लिए सक्षम प्राधिकार सरकार को अनुशंसा करने की कृपा करें. इसकी रिसीविंग जिला प्रशासन ने की है और कहा है कि सरकार इसको लेकर पहल करेगी. इसके बाद पिता तैयार हुए और अंतिम संस्कार की पहल हुई. (नीचे भी पढ़ें)
पूर्व सीएम रघुवर दास, सरकार का प्रतिनिधि बनकर कुणाल षाडंगी, बन्ना गुप्ता समेत कई पहुंचे, होता रहा हंगामा
मृतक के परिजनों से मिलने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास पहले पहुंचे. विधायक सरयू राय भी इससे पहले गये थे. इसके बाद सरकार का प्रतिनिधि बनकर पूर्व विधायक कुणाल षाडंगी और पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता पहुंचे. इन लोगों ने फिर से सरकार के प्रतिनिधियों से पिता की बातचीत करायी. इस बातचीत के दौरान यह आश्वासन दिया गया कि सरकार मृतक की पत्नी को कांट्रैक्ट पर नौकरी देगी. इसके बाद लोग फिर से हंगामा करने लगे. हालात यह हुआ कि दो जिले के एसपी की मौजूदगी में पुलिसवालों को लोगों ने खदेड़ दिया. इसके बाद प्रशासन और समझदार लोगों ने बीच बचाव कर मामले को शांत किया. इस दौरान पूर्व सीएम रघुवर दास ने कहा कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की जानी चाहिए और अविलंब मृतक के परिजनों को नौकरी दी जानी चाहिए. इसके बाद वे वहां से निकल गये. इस दौरान दिन भर हंगामा होता रहा.







