जमशेदपुर : भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री एवं भाजपा के प्रेरणापुंज स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की सातवीं पुण्यतिथि को भाजपा जमशेदपुर महानगर द्वारा पूरे श्रद्धाभाव से मनाया गया. शनिवार को जमशेदपुर के साकची स्थित जिला भाजपा कार्यालय में जिलाध्यक्ष सुधांशु ओझा के नेतृत्व में कृतज्ञ भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने अटल जी का भावपूर्ण स्मरण कर उनके चित्र पर श्रदासुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके बताये आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया. इस अवसर पर झारखंड भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सह हजारीबाग के पूर्व सांसद डॉ यदुनाथ पांडेय मुख्य रूप से मौजूद रहे. (नीचे भी पढ़ें)
कार्यकर्ताओं ने ‘अटल बिहारी वाजपेयी अमर रहे’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाकर अटल जी को याद किया. इस अवसर पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झारखंड भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सह हजारीबाग के पूर्व सांसद डॉ. यदुनाथ पांडेय ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का सम्पूर्ण जीवन राष्ट्र के लिए समर्पित था और प्रत्येक कण भारत माता के चरणों में अर्पित रहा. उन्होंने याद करते हुए कहा कि 1977 में विदेश मंत्री रहते हुए अटल बिहारी वाजपेयी ने पहली बार संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी में भाषण दिया और हिंदी को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाई. (नीचे भी पढ़ें)
उनकी कार्यशैली सरल, सहज और सिद्धांतनिष्ठ रही। उन्होंने कभी भी मूल विचारों और आदर्शों से समझौता नहीं किया. डॉ. पांडेय ने कहा कि 24 दलों के सहयोग से बनी वाजपेयी सरकार ने कॉमन एजेंडा पर काम करते हुए भी देश में चौमुखी विकास सुनिश्चित किया. अटल जी के नेतृत्व में भारत ने 11 मई, 1998 को सफल परमाणु परीक्षण किया, जिसकी भनक तक अमेरिका को नहीं लगी. प्रतिबंधों की धमकी के बावजूद देश स्वावलंबी और आत्मनिर्भर होकर आगे बढ़ा. उन्होंने कहा कि अटल जी वास्तव में दृढ़ निश्चयी स्टेट्समैन थे. (नीचे भी पढ़ें)
उनके समय को रामराज कहा जा सकता है, जबकि आज मोदी जी उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए कृष्णराज की तरह देश का मान-सम्मान बढ़ा रहे हैं. धारा 370 की समाप्ति और रामलला मंदिर निर्माण के संकल्प को साकार करना इसी दिशा का परिणाम है. वहीं, भाजपा जमशेदपुर महानगर के अध्यक्ष सुधांशु ओझा ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जैसे व्यक्तित्व विरले ही जन्म लेते हैं. भारतीय जनसंघ से लेकर भारतीय जनता पार्टी तक के विस्तार को लेकर उन्होंने अथक परिश्रम कर भाजपा को एक छोटे से पौधे से विशाल वटवृक्ष के रूप में स्थापित करने में अहम भुमिका निभाई. उन्होंने देश की अखंडता को एक सूत्र में पिरोने का काम किया. (नीचे भी पढ़ें)
उनके आदर्शों पर चलकर भाजपा देश को तरक्की और उन्नति की राह पर आगे बढ़ा रही है. उन्होंने कहा कि झारखंड प्रदेश का निर्माण भी अटल जी की देन है. दशकों तक चले आंदोलन के बाद उनके अटल इरादों के कारण झारखंड अलग राज्य अस्तित्व में आया. इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर मिश्रा, अभय सिंह, डॉ राजीव, नीरज सिंह, मिथिलेश सिंह यादव, बबुआ सिंह, अनिल मोदी, विजय तिवारी, मिली दास, कृष्णा शर्मा काली, सुबोध झा, प्रेम झा, अखिल सिंह, बिनोद राय, संजीत चौरसिया, राजीव सिंह, श्वेता कुमारी, राकेश दुबे, मधुमाला व अन्य मौजूद रहे.











