जमशेदपुर : पहलगाम आतंकी हमले के खिलाफ देशभर में गुस्सा फूट पड़ा है. इसी कड़ी में सोमवार को जमशेदपुर में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तानी नागरिकों को जिले से बाहर करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया. भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष सुधांशु ओझा की अगुवाई में आयोजित प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, सांसद विद्युत वरण महतो, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ दिनेशानंद गोस्वामी, प्रदेश मंत्री नंदजी प्रसाद समेत सैकड़ों कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल हुए. (नीचे भी पढ़ें)
प्रदर्शन की शुरुआत साकची स्थित जिला भाजपा कार्यालय से हुई, जहां से कार्यकर्ता जिला उपायुक्त कार्यालय तक पैदल मार्च करते हुए पहुंचे. इस दौरान “पाकिस्तानियों भारत छोड़ो, पाकिस्तान मुर्दाबाद” जैसे नारे गूंजते रहे. कार्यकर्ताओं ने हाथों में आतंकवाद और पाकिस्तान विरोधी तख्तियां थाम रखी थीं, जो उनके आक्रोश को दर्शा रही थीं. उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त की अनुपस्थिति में एडीसी के माध्यम से उपायुक्त के नाम एक ज्ञापन सौंपा. (नीचे भी पढ़ें)
इस अवसर पर मीडिया को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा 27 निर्दोष नागरिकों की नृशंस हत्या से पूरा देश स्तब्ध और आक्रोशित है. धर्म पूछकर की गई यह क्रूर हत्या मानवता पर कलंक है. इस घटना के बाद देशवासियों के गुस्से को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने भारत में वैध और अवैध रूप से रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को तत्काल बाहर करने का आदेश जारी किया है. इसी के तहत पूर्वी सिंहभूम जिले से पाकिस्तानी नागरिकों को बाहर करने की मांग को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया है. पूर्व सीएम रघुवर दास ने झारखंड में अवैध घुसपैठ को लेकर भी गंभीर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि वोट बैंक की राजनीति के चलते सत्तारूढ़ दल ने अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को संरक्षण दिया है, जिससे स्थिति भयावह हो गई है. झारखंड में न वीजा की जरूरत है, न परमिट की. ”सर्व भूमि भोपाल की” कहावत यहां चरितार्थ हो रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध घुसपैठियों के कारण झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और गौरवशाली परंपराएं नष्ट हो रही है. (नीचे भी पढ़ें)
पूर्व मुख्यमंत्री ने झारखंड सरकार से अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को राज्य से बाहर करने की मांग करते हुए कहा कि झारखंड कोई धर्मशाला नहीं है. भगवान बिरसा मुंडा की पवित्र धरती और झारखंड की अस्मिता को बचाने के लिए सरकार को तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है. वहीं, सांसद विद्युत महतो ने कहा कि पहलगाम का खून-खराबा आतंकवाद का वह घिनौना चेहरा है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद ने देशवासियों का खून बहाया है, और अब समय आ गया है कि भारत की धरती से हर उस शख्स को बाहर फेंका जाए जो इस आतंकी साजिश का हिस्सा हो सकता है. जमशेदपुर में एक भी पाकिस्तानी नागरिक किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं होगा. मोदी सरकार ने सख्त आदेश दे दिया है, और अगर प्रशासन ने इसमें ढिलाई बरती, तो सड़कों पर उतरकर हिसाब लेंगे. इस अवसर पर जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष सुधांशु ओझा, पूर्व जिलध्याक्ष देवेंद्र सिंह, चंद्रशेखर मिश्रा, अभय सिंह, रामबाबू तिवारी, दिनेश कुमार, गुंजन यादव, कल्याणी शरण, कुलवंत सिंह बंटी, जटाशंकर पांडेय, रीता मिश्रा, संजीव सिन्हा, बबुआ सिंह, राजीव सिंह, रेणु शर्मा, संजीव सिंह, जितेंद्र राय, विजय तिवारी, मिली दास, कृष्णा शर्मा काली, सुबोध झा, मंजीत सिंह, सागर राय, रमेश बास्के, नीलू मछुआ, अखिल सिंह, ज्ञान प्रकाश, बिनोद सिंह, कौस्तव रॉय, उज्ज्वल सिंह, संजीत चौरसिया, बिनोद राय, प्रशांत पोद्दार, संजय तिवारी, पप्पू उपाध्याय, जीवन साहू, विकास शर्मा, सूरज सिंह, युवराज सिंह, पवन सिंह, अमिताभ सेनापति, अरुण सिंह, अजय गुप्ता, रंजीत पंडित, वीरेंद्र सिंह, शिंदे सिंह ओम पोद्दार समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे.











