
जमशेदपुर : झारखंड की जनता को वैश्विक महामारी कोरोना त्रासदी से उबारने और जनजीवन को पटरी पर लाने को लेकर राज्य सरकार के गाइडलाइंस लगातार आ रहे हैं. उधर अंतराज्यीय बसों के परिचालन को लेकर अभी भी बस मालिकों के बीच संशय की स्थिति बनी हुई है. वैसे कल ही राज्य सरकार की ओर से नई गाइडलाइंस जारी किए गए हैं, इसके तहत निजी बसों को लॉक डाउन के अवधि का टैक्स माफ कर दिया गया है, लेकिन यह नियम उन पर ही लागू होगा जिनका परमिट वैद्य होगा. बीते सात महीनों से सरकारी दफ्तरों में कामकाज लगभग शिथिल पड़े हुए हैं, जबकि इंटर स्टेट बसों का परिचालन पूरी तरह से ठप्प पड़ा हुआ है. जहां बसों को फिर से पुनर्जीवित करने में लाखों के खर्च बस मालिकों को करने पड़ेंगे. ऐसे में बस मालिक दुविधा में हैं. इन्होंने सरकारी फरमान को कागजी खानापूर्ति बताते हुए सरकार से आदेश पर पुनर्विचार किए जाने की मांग की है. इन्होंने बताया कि बीते सात महीने में बसों के मालिकों की कमर टूट चुकी है, फिर से बसों को शुरू करने के लिए लाखों खर्च करने पड़ेंगे. बसों के टायर- ट्यूब से सीट और मशीनरी भी पूरी तरह से खस्ताहाल हो चुके हैं.





