
जमशेदपुर : जमशेदपुर के आदिवासी सेंगेल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व सांसद सालखन मुर्मू, पद्यश्री छुटनी महतो के नेतृत्व में सेंगेल द्वारा डायन कुप्रथा उन्मूलन अभियान जमशेदपुर में शुरू किया गया है. नई दृष्टिकोण के साथ रैली निकालकर संदेश दिया गया कि डायन नहीं होते हैं. डायन बनाने वाले होते हैं. बनाने वालों को पहचान कर दंडित करने से डायन कुप्रथा जल्द समाप्त हो सकता है. अब यह अंधविश्वास से ज्यादा आपराधिक षड्यंत्र का मामला है. अतएव पुलिस – प्रशासन को संवेदनशील होकर सक्रिय भूमिका निभाना समाज और विकास के लिए उपयोगी सिद्ध होगा. सेंगेल का प्रतिनिधिमंडल छुटनी महतो और सालखन मुर्मू के साथ मनीष कुमार, डीडीसी के साथ मुलाकात कर पांच सूत्री सुझाव पत्र प्रदान किया. (नीचे भी पढ़ें)

शनिवार को सालखन मुर्मू के साथ सुमित्रा मुर्मू, सोनाराम सोरेन, मुनीराम हेंब्रोम और घनश्याम टुडू जिला के नवनियुक्त उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री से मिले तथा जिले के एसएसपी प्रभात कुमार के साथ भी मिलकर डायन कुप्रथा के साथ-साथ आदिवासी समाज में व्याप्त नशापान, अंधविश्वास, डंडोम (जुर्माना लगाना), बरोंन (सामाजिक बहिष्कार), महिला विरोधी मानसिकता आदि को भी समाप्त करने के बारे विस्तृत बातचीत किया. बातचीत के दौरान गालूडीह थाना, बघुड़िया ग्राम के परमेश्वर टुडू का परिवार, जो सामाजिक बहिष्कार का दंश झेलने को मजबूर है के मामले को अविलंब समाधान की मांग की गयी. उन्होंने कहा कि प्रताड़ना से शारीरिक और मानसिक कष्ट से पीड़ित पूरा परिवार आत्मदाह की अनुमति के लिए उपायुक्त को पत्र भी सुपुर्द किया है. दोनों पदाधिकारी ने त्वरित सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया.




