जमशेदपुर : मानगो थाना क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है, जिसमें संपत्ति के लालच में बेटों और पोतों द्वारा अपने ही 84 वर्षीय पिता के साथ बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगा है. इस मामले में पुलिस की प्रारंभिक निष्क्रियता पर न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है. (नीचे भी पढ़ें)
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित शदरुल आलम ने आरोप लगाया है कि उन्होंने अपने बेटों को पहले ही रहने के लिए मकान और जीविकोपार्जन के लिए दुकान दे दी थी. इसके बाद वह अपनी पत्नी के साथ अलग रहने लगे थे. बावजूद इसके, उनका बेटा शेख अमजद अली और उसकी पत्नी वहां पहुंचकर उन्हें लगातार प्रताड़ित करने लगे. शिकायत में बताया गया है कि बीते 2 दिसंबर को आरोपियों ने बुजुर्ग पिता पर सादे कागज पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया. विरोध करने पर उनके बेटों—रुस्तम आलम, मो सलीमुद्दीन और शेख अमजद अली—के साथ बहू शाहीन फातिमा एवं पोते फैसल हुसैन और एहतेशाम आलम ने मिलकर उनकी जमकर पिटाई कर दी. इस दौरान बीच-बचाव करने आई उनकी बेटी सैयदा खातून के साथ भी मारपीट की गई. (नीचे भी पढ़ें)
घटना में गंभीर रूप से घायल शदरुल आलम का इलाज टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) में लंबे समय तक चला. न्याय की मांग को लेकर उन्होंने पहले स्थानीय थाना और बाद में वरीय पुलिस अधीक्षक को आवेदन दिया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. अंततः न्यायिक दंडाधिकारी एस तिग्गा की अदालत में उनका मामला पहुंचा, जहां बीएनएसएस की धारा 175 के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया गया. इसके बाद 2 मई को मानगो थाना में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस अब मामले की जांच में जुट गई है.







