
जमशेदपुर : राज्य सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ दवा दुकानदारों ने मोर्चा खोल दिया है. लगातार होने वाली दबिश के खिलाफ दवा दुकानदारों ने स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के दफ्तर में एक ज्ञापन सौंपा है. बुधवार को जमशेदपुर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन की एक बैठक अध्यक्ष कमल कुमार अग्रवाल की अध्य्क्षता में हुई. विगत कुछ दिनों से जमशेदपुर की दवा विक्रेताओं के व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर जिला प्रशासन द्वारा आए दिन अनावश्यक औचक छापेमारी की जा रही है एवं इस महामारी में दवा विक्रेता खुदरा एवं होलसेल, दोनों जो कि सच्चे कोरोना वरियर्स हैं, उनको अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है. जमशेदपुर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के सचिव भोलानाथ चौधरी ने कहा कि ऐसे ही पूरे झारखंड में इस आपदा के समय सभी दवा व्यापारी अपने जान को जोखिम में डालकर अपनी सेवा दे रहे है और इस आपदा में सरकार के साथ सम्पूर्ण रूप एक सच्चे कोरोना वरियर्स के रूप में खड़े है. इन लोगों ने कहा है कि यह बताते हुए अत्यंत दुःख हो रहा है की विगत 15 दिनों में हमने अपने 10 दवा दुकानदारों को इस कोरोना काल मे खोया है. न ही हमे कोरोना वॉरियर्स का दर्जा मिला है न ही वैक्सीनशन में कोई वरीयता मिली है जबकि जमशेदपुर के संपूर्ण दवा विक्रेता हमेशा से ही सरकार एवं प्रशासन का सहयोग करते रहे हैं. इस समय व्यापारियों को परेशान किया जाना, बिल्कुल भी न्याय संगत नही है. इन लोगों ने मांग की है कि सभी दवा दुकानदारो को उचित सम्मान दिया जाए और अगर प्रशासन इस तरह का भय का माहौल अगर बनाती है की तो दवा व्यापारियों को कारोबार करना मुश्किल हो जायेगा. बैठक में मनीष झाझरिया, उमंग अग्रवाल, ओंकार सिंह, ओमनारायण त्रिवेदी, नरेश कुमार अग्रवाल, अनवर हुसैन, चेतन मेहता आदि उपस्थित थे.













