
जमशेदपुर : जमशेदपुर पुलिस ने बीते दिनों ही जमशेदपुर से चल रहे साइबर अपराध के गैंग के सभी सदस्यों और सरगना को जेल भेज कर उनको खत्म किया ही था कि दूसरी और पुलिस को शहर में साइबर अपराध के एक और गैंग का पता चला. पुलिस ने छापेमारी कर गिरोह के एक सदस्य गोलमुरी बजरंग नगर निवासी कुलजीत सिंह को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में कुलदीप सिंह ने बताया कि उसके साथ एक और सदस्य और 2 सरगना भी शामिल है. पुलिस ने कुलदीप सिंह को जेल भेज दिया है. इस संबंध में द्वारिका विश्वास के द्वारा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी.
खाता से ज्यादा लेनदेन होने पर द्वारिका को हुई जानकारी
द्वारिका विश्वास ने पुलिस को बीते दिनों एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी जिसमें उसने पुलिस को बताया था कि कुलजीत सिंह ने उससे एसबीआई के बारीडीह ब्रांच में एक खाता खुलवाया था। उसकी मां ने 27 अक्टूबर को जब खाते में एंट्री कराई तो पता चला कि उनके खाते से कई बार में ट्रांजैक्शन किए जा रहे थे इस बीच लगभग चार लाख के ट्रांसेक्शन किए गए उन्होंने तत्काल खाता को होल्ड कर दिया. जिसके बाद से ही कुलजीत सिंह उन्हें फोन कर खाता को चालू करने की धमकी दे रहा था. इधर जब पुलिस ने कुलदीप को गिरफ्तार किया तो उन्हें साइबर गैंग के होने का पता चला है.
ओएल एक्स के माध्यम से करते थे ठगी
पूछताछ में कुलजीत ने बताया कि वे लोग राजा सिंह के साथ मिलकर रुपए एवं घर बनवाने के नाम पर भोले भाले लोगों का खाता खुलवाते थे और उसे मोहम्मद आरिफ और अवतार सिंह को दे देते थे. मोहम्मद आरिफ और तार सिंह उस खाते का इस्तेमाल साइबर अपराध के लिए किया करते थे. आरिफ और अवतार सिंह ओ एल एक्स में फर्जी विज्ञापन डालते थे और लोगों को अग्रिम राशि देने के नाम पर उनसे रुपए की ठगी कर लेते थे. ऐसा कर उन्होंने कई सारे लोगों को ठगा है. वे लोग द्वारिका विश्वास के खाते में रुपए ट्रांसफर कर उसे फिर से पेटीएम और फोन पर के माध्यम से ट्रांसफर कर लेते थे. अब तक उन्होंने लगभग चार लाख रुपए खाते से निकाले हैं। कुलजीत ने बताया कि वह साइबर अपराध की दुनिया में सभी मार्च 2020 में साइबर अपराध की दुनिया में कदम रखा है. वही आरिफ और अवतार पहले से ही साइबर अपराध की घटना को अंजाम दे रहे हैं पुलिस ने इनके पास से मोबाइल फोन भी किया है जिसे साइबर अपराध की घटना को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किया जाता था. फिलहाल पुलिस यह जानने कि कोशिश कर रही है कि अभी तक इनके द्वारा कितने लोगों को ठगा गया है.
आर्थिक तंगी से बना साइबर अपराध
कुलजीत सिंह ने पुलिस को बताया कि उसके पापा एक ट्रक ड्राइवर है और उसके घर में आर्थिक तंगी है वह राजा सिंह से संपर्क में आया. राजा ने उसे बताया कि साइबर अपराध में आराम से रुपए कमा सकते हैं जिसके बाद उसने साइबर अपराध की दुनिया में कदम रखा आरिफ ने अभी तक उसे इस काम के लिए 52 हजार रूपए दिए हैं.
बीते दिनों ही साइबर अपराध के एक गैंग के सरगना को पुलिस ने भेजा था जेल
साइबर पुलिस ने बीते दिनों ही साइबर अपराध के एक गैंग के सरगना राहुल केसरी को जेल भेजा है वही शहर में दूसरे गैंग होने से यह साफ है कि शहर साइबर अपराधियों के कब्जे में आता जा रहा है.













