जमशेदपुर : जमशेदपुर के मानगो डिमना स्थित एमजीएम अस्पताल में रविवार दोपहर बच्चा चोरी की आशंका से हड़कंप मच गया. अपने तीन वर्षीय बेटे के लापता होने की सूचना मिलते ही अस्पताल के होमगार्ड जवानों ने सभी प्रवेश और निकास द्वार बंद कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया. करीब 15 मिनट की खोजबीन के बाद बच्चा अस्पताल के बाहरी गेट के पास एक दुकान के बाहर सुरक्षित मिल गया. (नीचे देखे पूरी खबर)
जांच में पता चला कि बच्चा दूसरे मरीज के परिजन के साथ बिस्कुट खाने के लिए बाहर गया था. इसके बाद पूरी स्थिति स्पष्ट हुई और अफरा-तफरी का माहौल शांत हो गया. जानकारी के अनुसार, सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना क्षेत्र के डूंडरा, कमलपुर की रहने वाली एक बांग्लाभाषी महिला रविवार दोपहर करीब दो बजे रोते हुए अस्पताल के पूछताछ केंद्र पहुंची. वह होमगार्ड प्रभारी कृष्णा सिंह और शिफ्ट इंचार्ज जसवीर सिंह को बार-बार बता रही थी कि उसका तीन साल का बेटा गायब हो गया है. महिला हिंदी में अपनी बात ठीक से नहीं समझा पा रही थी, जिसके कारण शुरुआत में स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी. सूचना मिलते ही होमगार्ड जवानों ने तत्परता दिखाते हुए अस्पताल के सभी प्रवेश और निकास द्वार बंद करा दिए. इसके साथ ही अस्पताल परिसर और आसपास के इलाके में बच्चे की तलाश शुरू कर दी गई. (नीचे देखे पूरी खबर)
मामले की जानकारी एमजीएम थाना पुलिस को भी दी गई. तलाशी के दौरान पता चला कि महिला का पति विश्वजीत मंडल शनिवार से अस्पताल की पहली मंजिल स्थित हड्डी रोग वार्ड में भर्ती है. उसके बगल में भर्ती एक अन्य मरीज के परिजनों के साथ बच्चा घुल-मिल गया था. इसी दौरान उस मरीज का पिता बच्चे को बिस्कुट खिलाने के लिए अस्पताल के बाहर ले गया था. उक्त व्यक्ति अस्पताल में सफाई कर्मचारी भी है और फिलहाल अपने बेटे की देखभाल के लिए छुट्टी पर है. करीब 15 मिनट की तलाश के बाद बच्चा अस्पताल के बाहरी गेट के पास दुकान के बाहर सुरक्षित मिल गया. बच्चे के मिलने और पूरी स्थिति स्पष्ट होने के बाद बच्चा चोरी की आशंका गलत साबित हुई. हालांकि, इस दौरान अस्पताल परिसर में कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा.





