जमशेदपुर: बिहार एसोसिएशन के साहित्यिक सांस्कृतिक पार्श्व दिनकर परिषद की ओर से शनिवार को, संध्या राजेंद्र विद्यालय के सभागार में दिनकर परिषद की स्वर्ण जयंती सह दिनकर जयंती समारोह का आयोजन किया गया.बिहार एसोसिएशन के अध्यक्ष ब्रजनंदन चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में हिन्दी नवगीत के शिखर पुरुष सुप्रसिद्ध कवि- गीतकार एंव चिंतक डॉ बुद्धिनाथ मिश्र मुख्य अतिथि व दिनकर जी के पौत्र ऋृत्विक उदयन विशिष्ट अतिथि के रुप में शामिल हुए. (नीचे भी पढ़ें)

मुख्य अतिथि श्री मिश्र ने कहा कि कविता गीत- काव्य रचना से अपना वक्तव्य प्रारंभ किया, तुम पारस पत्थर हो मुझ को पूछो तो कम्यन बन जाओ. किसी साहित्यकार के प्रति इतना बड़ा सम्मान पहली बार देखा. सभी कवियों के बाद रामधारी सिंह दिनकर का नाम आलोकिक कर रहा है. रामधारी सिंह दिनकर जयंती पर मुझे मेहमान सही संबोधित करते थे. मंच पर नटराज के तांडव के रुप मे दिखते थे. दिनकर को याद करके अपने अंदर अमृतत्व को उत्पन्न किया है. बिहार में दिनकर कम ही पाठ्य पुस्तकें में है यह बिहार का दुर्भाग्य है. दिनकर जी की भाषा मोहक बनी रही से परिचय विवाह में एक गीत से हुआ. यह गीता सामान्य ही रहा, जो इतना लोकप्रिय हो गया. रश्मिरथि में उन्होंने किसी भी पात्र का वर्णन किया है वह काफी प्रासंगिक रहा है, जिसके आधार पर दिनकर को युवा सम्राट कवि की संज्ञा दी गयी थी. बहुत विचलन के बाद परशुराम की प्रतिज्ञा लिखी, जिसमें श्रंगार रस का समावेश किया है. अंत में उन्होंने अपने दो गीत सुनाए. (नीचे भी पढ़ें)

विशिष्ट अतिथि दिनकर जी पौत्र ऋृत्विक उदयन ने कहा कि दिनकर जी का पौत्र होना और उनसे संबधित आंसुओं में जाना अच्छा लगता है. काफी दिनों के बाद दिनकर जी की काव्य की पंक्तियां सुनना काफी अच्छा लगता है. उन्होंने कहा कि मेरे बाबू जी मेरे बाबा के लिए कहते थे. बाबा का व्यक्तित्व बड़ा आयामी था. उनकी प्रसन्नता व क्रोध भी काफी अलग था. बाबा काफी मुख रहे. संस्कृति के चार अध्याय उनकी प्रसिद्ध रचना है. मैं बाबा पर काम कर रहा हूं.
इससे पूर्व बिहार एसोसिएशन द्वारा संचालित राजेंद्र विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया.जबकि समाध्यक्ष बिहार एसोसिएशन के अध्यक्ष बीएन चौधरी ने आंगत अतिथियो एवं श्रोताओ का स्वागत किया. दोनों अतिथियों के साथ ही मंचस्थ बिहार एसोसिएशन के अध्यक्ष बीएन चौधरी, महासचिव सीपीएन सिंह, संयुक्त सचिव अमरेश सिन्हा ने दिनकर जी के चित्र का अनावरण कर एंव चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर समारोह का विधिवत उद्घाटन किया. दिनकर परिषद की वरीय सदस्य डॉ रागिनी भूषण ने मंगलाचरण के साथ सभा का विधिवत शुरुआत हुई, जिसके बाद मुख्य अतिथि डॉ बुद्धिनाथ मिश्र व विशिष्ट अतिथि ऋृत्विक उदयन के साथ बिहार एसोसिएशन के मंचस्थ पदाधिकारियों ने दिनकर परिषद की स्वर्ण जयंती के अवसर पर प्रकाशित स्मारिका का विमोचन किया. (नीचे भी पढ़ें)

बिहार एसोसिएशन के सदस्य भवेश कुमार ने दिनकर परिषद का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया. समारोह के अगले चरण में दिनकर परिषद की ओर से दिनकर जयंती के अवसर पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं के काव्य पाठ की प्रस्तुति हुई. समारोह के अंत में दिनकर जयंती के अवसर पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को दोनों अतिथियों एवं बिहार एसोसिएशन के महासचिव सीपीएन सिंह ने प पुरस्कार प्रदान किये. बिहार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव अमरेश सिन्हा के धन्यवाद ज्ञापन एवं डॉ रागिनी भूषण की सरस्वती वंदन के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ.











