
जमशेदपुरः कांग्रेस के नेता सलमान खुर्शिद ने अपनी पुस्तक में हिन्दुत्व की तुलना आतंकवाद से की है. इस तुलना की ओर राजनीतिक नहीं, अपितु धार्मिक दृष्टि से देखना चाहिए. यह केवल कांग्रेस की विचारधारा का मुद्दा नहीं, अपितु एक ‘पैन इस्लाम’ एजेंडा है. (पैन इस्लामवाद एक राजनीतिक आंदोलन है, जो इस्लामी राज्य का समर्थन करता है) इसलिए पुस्तक, फिल्म, कविता इत्यादि के माध्यम से केवल ‘जिहादी आंदोलन’ चलाने का यह एक प्रकार है. यह कांग्रेस का वैचारिक जिहादी आतंकवाद है. कांग्रेस की रणनीति हिन्दूद्वेष पर आधारित है. मंदिरों में जाना, नवरात्री में उपवास करना इत्यादि कृति केवल चुनाव तक मर्यादित है, यह ध्यान में रखना चाहिए. इसलिए ऐसे आरोपों पर स्पष्टीकरण देने की तुलना में हिंदुओं को स्वयं का ध्येय साध्य करने की ओर ध्यान देना चाहिए, ऐसा प्रतिपादन ‘सुदर्शन वाहिनी’ के मुख्य संपादक सुरेश चव्हाणके ने किया. हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से ‘कांग्रेस का वैचारिक आतंकवाद’ इस विषय पर आयोजित ‘ऑनलाइन’ विशेष संवाद में वे बोल रहे थे. (नीचे भी पढे़ं)
कांग्रेस के द्वारा किए गए आपत्तिजनक वक्तव्यों के विरोध में हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से ऑनलाइन आंदोलन किया गया. इनमें हाथ में फलक लेकर कांग्रेस का निषेध किया गया. इसे लेकर प्रशासन को निवेदन दिए गए. इस विषय पर हिंदुओं ने एकत्रित होकर ट्विटर पर #Congress_Hates_Hindutva नाम से चलाए गए टे्रंड को उत्स्फूर्त प्रतिसाद प्राप्त हुआ. इस में 20 हजार से अधिक ट्वीट किए गए है. (नीचे भी पढ़ें)
संवाद में बोलते हुए ऑस्ट्रेलिया के कार्यकर्ता डॉ. यदु सिंह ने कहा कि हिन्दू धर्मग्रंथों का संदर्भ देकर हिन्दुत्व और हिन्दू धर्म अलग होने का राहुल गांधी का कथन न केवल हास्पास्पद है, अपितु उन्होंने क्या कहा है, यह उन्हें भी समझ में नहीं आया है. हिन्दुत्व की ‘बोको हराम’ और ‘इसिस’ जैसे आतंकवादी संगठनों से तुलना नहीं की जा सकती. ऐसे कथन का समर्थन करने के कारण कांग्रेस पराजित हो रही है. ‘मारो, कांटो और बांटो’ यह सिखानेवाले अन्य धर्मियों के ग्रंथों के विषय में बोलने का साहस राहुल गांधी क्यों नहीं दिखाते ? इस संवाद में ‘हिन्दू जनजागृति समिति के मध्य प्रदेश और राजस्थान राज्य समन्वयक आनंद जाखोटिया ने कहा कि ‘डिसमेंटलींग ग्लोबल हिन्दुत्व’ इस हिन्दू विरोधी परिषद द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिन्दुत्व को समाप्त करने का षड्यंत्र आरंभ है. इससे पहले कांग्रेस के नेता पी. चिदंबरम् और सुशील कुमार शिंदे ने ‘भगवा आतंकवाद’ का प्रचार किया है.












