जमशेदपुर : नवरात्र के दौरान शहर के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित डांडिया एवं गरबा कार्यक्रमों में निर्धारित समय-सीमा और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल संबंधी दिशा-निर्देशों के कथित उल्लंघन को लेकर हिंदू जन जागरण मंच ने जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है. मंच के अध्यक्ष अमित कुमार शर्मा ने धालभूम के अनुमंडल पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा शिकायतों की पुष्टि होने पर संबंधित आयोजकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है. अमित कुमार शर्मा ने कहा कि त्योहारों के शांतिपूर्ण एवं अनुशासित आयोजन के लिए जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करना सभी आयोजकों की जिम्मेदारी है. आरोप है कि नवरात्र के दौरान आयोजित कुछ व्यावसायिक डांडिया एवं गरबा कार्यक्रमों में रात 10 बजे की निर्धारित समय-सीमा के बाद भी तेज आवाज में डीजे बजाए गए और देर रात तक कार्यक्रम जारी रखे गए. (नीचे भी पढ़ें)

कुछ कार्यक्रमों में आपत्तिजनक गानों के इस्तेमाल की शिकायतें भी सामने आई हैं. उन्होंने कहा कि यदि जांच में इन शिकायतों की पुष्टि होती है, तो संबंधित आयोजकों के विरुद्ध लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए. ध्वनि प्रदूषण से संबंधित नियमों की अनदेखी से आम नागरिकों को परेशानी होती है. ऐसे में प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि धार्मिक एवं सार्वजनिक आयोजनों के दौरान निर्धारित समय-सीमा और ध्वनि-स्तर संबंधी नियमों का उल्लंघन न हो. मंच के अध्यक्ष ने कहा कि नवरात्र एक पवित्र धार्मिक पर्व है, जिसकी गरिमा, मर्यादा और सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखना आवश्यक है. धार्मिक आयोजनों में मनोरंजन और व्यावसायिक गतिविधियों के दौरान उनकी मूल भावना तथा निर्धारित मर्यादाओं की उपेक्षा नहीं होनी चाहिए. (नीचे भी पढ़ें)
ज्ञापन के माध्यम से मंच ने मांग की है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले आयोजकों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान कर निष्पक्ष जांच कराई जाए. उल्लंघन प्रमाणित होने पर प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए. साथ ही, भविष्य में सार्वजनिक कार्यक्रमों की अनुमति देते समय आयोजकों के पिछले आचरण और नियमों के अनुपालन के रिकॉर्ड की समीक्षा की जाए. बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वालों के मामले में नियमानुसार आवश्यक प्रतिबंधात्मक कदम उठाए जाएं. अमित कुमार शर्मा ने कहा कि मंच कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक नियमों के पालन में विश्वास रखता है. इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था को निशाना बनाना नहीं, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध निष्पक्ष और समान कार्रवाई सुनिश्चित कराना है. उन्होंने प्रशासन से प्राप्त शिकायतों की गंभीरता से जांच कर अविलंब उचित कदम उठाने की मांग की.





