
जमशेदपुर : जमशेदपुर पूर्वी के विधायक और पूर्व मंत्री सरयू राय ने केबुल कंपनी का मुद्दा भी विधानसभा में उठाया. सरयू राय ने लिखित तौर पर उद्योग विभाग से पूछा कि क्या जमशेदपुर के इंडियन केबुल इंडस्ट्री (इंकैब) नीलामी के कगार पर है और श्रमिकों का बकाया भुगतान नहीं किया गया है, इस पर उद्योग विभाग के मंत्री ने सहमती जताई है. सरयू राय ने दूसरा सवाल पूछा कि इंकैब की जमशेदपुर फैक्ट्री की जमीन का मूल मालिक झारखंड सरकार की है और इसे टाटा स्टील को पट्टा पर दिया गया है. इस सवाल पर भी मंत्री ने हामी भरी है. उन्होने तीसरा सवाल पूछा कि कंपनी के प्रबंधन में कई बार परिवर्तन होने की अवधि में प्रबंधकों की मिलीभगत से फैक्ट्री की मशीने और अन्य उपकरण चोरी हो गई जिस पर श्रमिक संगठन द्वारा गोलमुरी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई है. इस सवाल पर मंत्री ने जवाब दिया कि यह बात आधी सही है. उन्होने कहा कि कंपनी के प्रबंधन में कई बार परिवर्तन होने के बाद मिलीभगत से मशीनों की चोरी की प्राथमिकी थाने में दर्ज नहीं कराई गई है पर मामले में सनहा दर्ज कराया गया था. इसके बाद सरयू राय ने सवाल किया कि तीनों सवाल सही है तो क्या सरकार इंकैब को पुनर्जीवित करने अथवा इस स्थान पर अन्य उद्योग लगाने पर विचार रखती है. मंत्री ने जवाब में कहा कि झारखंड औद्योगिक नीति के तहत पुनर्जीवित करने के लिए प्रस्ताव प्राप्त होने पर अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी पर यह भी है कि इंकैब एक निजी कंपनी है और 16 जून 2021 को एनसीएलटी कोलकाता द्वारा पारित न्यायादेश के आलोक में पंकज टिबरेवाला को बहाल किया गया है जो कॉरपोरेट डेबटर के मामले में उचित कार्रवाई कर मजदूरों के बकाया भुगताने या दावा आदि के संबंध में एनसीएलटी कोलकाता को प्रतिवेदन जमा करेंगे. इसके बाद कंपनी द्वारा आदेश पारित किया जाएगा.












