
जादूगोड़ा : यूसिल जादूगोड़ा काॅलोनी परिसर का यूसिल प्रबंधन द्वारा चहारदीवारी करने का मामला तूल पकड़े लगा हैं. बुधवार को धर्मडीह व इट्टा भट्टा के ग्रामीणों ने जिला परिषद सदस्य बाघराय मार्डी को ज्ञापन सौपते हुए चहारदीवारी का दौरा करवाया व समस्याओं को बताया. इस दौरान उत्तरी ईचड़ा के पंसस रूपक कुमार मंडल, सुभाष सिंह, भाजपा नेता रोहित राकेश सिंह, अमित गुप्ता समेत सैकड़ो महिला व पुरूष ग्रामीण मौजूद थे. बाघराय मार्डी द्वारा चहारदीवारी का निरीक्षण किया गया और कहा कि चहारदीवारी बनाने से पूर्व यूसिल प्रबंधन को 17 फीट रास्ता छोड़ना था जो कि मात्र 7 फीट ही छोड़ा गया हैं. साथ ही पूरे रास्ते को बंद करवा दिया गया हैं. एक रास्ता छोड़ा भी गया है तो उस रास्ते से ना तो टेम्पो पार होने लायक है और ना ही कोई चार चक्का वाहन. कहा कि अगर इस क्षेत्र में कोई बिमार हो जाए तो अस्पताल कैसे जाए या किसी घर में आग लग जाये तो अग्नि शामन वाहन कैसे जाये इसका जबाव यूसिल प्रबंधन के अधिकारी दे. यहां करीब 5000 से ज्यादा की आबादी वाला क्षेत्र हैं यहां पांच रास्ता दिया जाये ताकि आपातकालीन स्थिति में किसी को कोई परेशानी उत्पन्न ना हो. बाघराय ने कहा कि कल तक हमारी मांगो पर कोई निष्कर्ष नही निकाला गया तो परसो से चहारदीवारी का कार्य को बंद करवा दिया जाएगा. कहा कि गुरूवार को उपायुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी समेत सभी प्रशानिक अधिकारी को पत्र के माध्यम से ग्रामीणों को हो रही समस्या से अवगत करवाया जाएगा. (नीचे भी पढ़ें)
सरकारी जलमिनार को भी किया चहारदीवारी के बाहर
ग्रामीणों ने जिपा श्री मार्डी को बताया कि पंचायत स्तरीय जलमिनार को भी यूसिल प्रबंधन ने चाहरदिवारी के बाहर कर दिया गया हैं. ऐसे मे जलसंकट उत्पन्न हो गयी हैं. एक तरह ना तो प्रबंधन पानी की व्यवस्था करवा रहा है और ना ही जलमिनार का पानी ही ग्रामीणों तक पहुंचने दिया जा रहा है. यूसिल अपनी मनमानी कर रहा हैं. बाघराय मार्डी ने ग्रामीणों को कहा कि यह जन समस्या है सबको एकजुट होने की आवश्यकता हैं. एकजुटता में ताकत है. अगर प्रबंधन प्यार से नही मानती है तो आंदोलन की रूप रेखा तैयार करनी होगी.
रास्ता की करवायी नापी
बाघराय मार्डी व ग्रामीणों ने चाहरदिवारी के अंदर रास्ते की नापी करवायी, जहां उन्होंने देखा की यूसिल प्रबंधन 17 फीट के बजाय कही चार फीट रास्ता छोडा तो कहीं सात फीट. इस पर बाघराय मार्डी ने यूसिल अधिकारी को फोन पर फटकार लगाते हुए ग्रामीणों की समस्या पर त्वरित कार्यवाही करने को कहा, अन्यथा आंदोलन करने की चेतावनी दी.













