जमशेदपुर: जमशेदपुर के ग्रामीण इलाके बालिगुमा के डाहेर टोला धोरा बस्ती में 29 जून को एक ग्रामसभा का आयोजन किया गया. जिसमें सर्वसम्मति से गांव में पूर्ण शराबबंदी लागू करने का निर्णय लिया गया. इस ग्रामसभा की अध्यक्षता रंजीत धोरा ने की. जिसमें ग्रामीणों ने एकजुट होकर शराब के दुष्प्रभावों पर चिंता व्यक्त की और गांव में शांति, सुरक्षा और सामाजिक सुधार के लिए ठोस कदम उठाने का संकल्प लिया.ग्रामवासियों ने बताया कि गांव में सात महुआ शराब की दुकानें संचालित थीं, जिनमें से चार ने ग्रामसभा के निर्णय का सम्मान करते हुए अपनी दुकानें स्वयं बंद कर दी हैं. (नीचे भी पढ़े)
लेकिन तीन विक्रेता संजय धोरा उर्फ कान्हू धोरा, श्रीमती खुखी धोरा एवं पूर्णिमा खुटिया व विष्णु धोरा उर्फ हाब्लू धोरा अब भी अवैध रूप से शराब बेचने का कार्य कर रहे हैं. जिससे गांव का सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है.इस स्थिति को लेकर ग्रामसभा के प्रतिनिधियों ने 8 जुलाई को उपायुक्त से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा. प्रतिनिधियों ने आग्रह किया कि ग्रामसभा के सामूहिक निर्णय का सम्मान करते हुए प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले तथा जो लोग अवैध रूप से शराब बेच रहे हैं, उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए.ग्रामवासियों ने विश्वास जताया कि प्रशासन की सकारात्मक पहल से गांव में स्थायी शांति, सामाजिक सुधार और महिलाओं-बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी.



