
जमशेदपुर : जमशेदपुर के चर्चित मानगो सहारा सिटी नाबालिग बलात्कार कांड मामले पर दिलचस्प मोड़ आ गया है. एक ओर मामला जमशेदपुर के सक्षम न्यायालय सुनवाई हो रही है और इसमें तीन लोगों को सजा सुनाया जा चुका है जबकि डीएसपी, इंस्पेक्टर समेत करीब 22 रसूखदारों पर अलग से केस चल रहा है. वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली ने इसी मामले पर अपनी जांच को एक बार फिर से तेज़ कर दिया है. पूरे मामले मे अब तक न्यायालय स्तर पर आये ताज़े अपडेट पर आयोग के अन्वेषण अधिकारी जीतू साकिया ने मानवाधिकार कार्यकर्त्ता मनोज मिश्रा से दूरभाष पर इस मामले मे समस्त अपडेट मांगते हुए पूरे मामले पर अपना मंतव्य देने का आग्रह किया है. मनोज मिश्रा ने मामले से जुड़े सम्पूर्ण डिटेल देते हुए बताया कि जमशेदपुर के सक्षम न्यायालय द्वारा मामले पर तीन गिरफ्तार अभियुक्तो को उम्र कैद की सजा सुना दी गयी है. मामले मे शामिल अन्य को सीआरपीसी की धारा 319 के तहत आरोपी भी बनाया है, जो जमशेदपुर शहर के काफ़ी प्रभावी लोगो मे शुमार है. मनोज मिश्रा ने मामले पर अपना मंतव्य देते हुए आयोग से आग्रह किया है कि चूंकि मामले मे अन्य आरोपी काफ़ी प्रभावी तथा खाकी के साथ खादी गठजोड़ है, अतएव पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई के पास भेजनें हेतु सिफारिश की जानी चाहिए. उन्होने आयोग से मामले को सीबीआई जांच के लिए भेजे जाने हेतु केंद्र सरकार से सिफारिश करने का अनुरोध करते हुए अपना मंतव्य प्रस्तुत किया है.
ये है मामला
मानगो सहारा सिटी की एक नाबालिग ने मानगो थाना में 18 जनवरी 2019 को इंद्रपाल सैनी, शिव कुमार महतो, श्रीकांत महतो व अन्य के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज करायी थी. दर्ज प्राथमिकी में पीड़िता की मां ने बताया था कि बच्ची के साथ इंद्रपाल सैनी, शिव कुमार महतो, श्रीकांत महतो ने दुष्कर्म किया है. वही दुष्कर्म का वीडियो बनाया गया. वीडियो दिखाकर डरा-धमका कर बच्ची के साथ देह व्यापार कराया गया. इस मामले में पुलिस ने तीनों आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. हालांकि श्रीकांत महतो को कोर्ट से जमानत मिल गयी. इंद्रपाल सैनी और शिव कुमार महतो फिलहाल घाघीडीह जेल में हैं. इस मामले में पीड़िता ने बाद में पुलिस को बताया था कि एमजीएम थाना में तत्कालीन थाना प्रभारी इमदाद अंसारी और डीएसपी अजय केरकेट्टा ने भी दुष्कर्म किया था. इसके अलावा शहर में कई स्थानों पर कई लोगों द्वारा उसके साथ दुष्कर्म किया गया.
22 जनवरी 2022 को तीन लोगों को सजा सुनायी गयी, 22 पर हो रही कार्रवाई
शनिवार को जो फैसला आया है, वह इस कांड के नामजद आरोपी इंद्रपाल सिंह सैनी, शिवकुमार महतो और श्रीकांत को लेकर आया है क्योंकि ये तीन ही इस मामले में पहले नामजद (जिनके नाम से केस हुआ था) थे. बाद में उसमें कई नाम और जुड़े थे, जिसमें पुलिस के पदाधिकारी और रसूखदार लोग भी थे. 22 लोगों को इस मामले में आरोपी बनाने को कोर्ट पहले ही मंजूरी दे चुका था, जिसका मामला अलग से चलता रहेगा. इस मामले में धारा 319 के तहत सोनू नैयर, लड्डन उर्फ पाहुल, मैन्यर, दिनेश अग्रवाल, अमित सिंह, मुन्ना धोबी, अजित मिस्त्री उर्फ बुलेट मिस्त्री, उपेंद्र सिंह, शाहिद, शाहिद, अभिषेक मिश्रा, गुड्डू गुप्ता, इंस्पेक्टर सह उलीडीह के पूर्व थाना प्रभारी इमदाद अंसारी, अजय केरकेट्टा, लंगड़ा मकसूद, मनोज सहाय, गुरप्रीत सिंह, शंभू द्विवेदी, करीम केबुल वाला, तस्मीम अहमद, राजेश सिंह और तनुश्री नायक को भी आरोपी बनाया गया है. इस मामले में एक डीएसपी भी आरोपी है अजय केरकेट्टा, जो हाईकोर्ट से स्टे मिला है जबकि इस कांड में तत्कालीन थानेदार इमदाद अंसारी भी है. सबके खिलाफ केस चल रहा है, सिर्फ उनकी गिरफ्तारी पर स्टे दिया गया है. इस मामले में राजनीतिज्ञ भी शामिल है, जिन पर अलग से सुनवाई चलती रहेगी. इन पर ट्रायल चलेगा और बाद में उनको लेकर भी फैसला आयेगा.





