जमशेदपुर : जमशेदपुर के मानगो सहारा सिटी में नाबालिग के साथ दुष्कर्म और देह व्यापार करने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट में आरोपियों की ओर से दायर याचिका को लेकर सुनवाई पूरी हो गयी. बुधवार को सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने फैसले को सुरक्षित रख लिया. इस दौरान सभी पक्षों की ओर से बहस को पूरा कर लिया गया, जिसके बाद हाईकोर्ट ने कहा कि इसको लेकर फैसला जल्द आयेगा. हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश पर हो रही कार्रवाई को रोकने को लेकर दिये गये आदेश को बरकरार रखा है. इस मामले में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के भाई गुड्डू गुप्ता, तत्कालीन डीएसपी अजय केरकेट्टा, उस वक्त उलीडीह के थानेदार रहे इंस्पेक्टर इमदाद अंसार समेत कई लोग आरोपी है. इस मामले की सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखने के बाद से आरोपियों की धड़कनें तेज है. शिकायकर्ता और उनके पक्ष के लोगों को उम्मीद है कि उनके पक्ष में फैसला आयेगा और रसूखदारों को उनके किये की सजा जरूर मिलेगी. (नीचे भी पढ़ें)
ये है मामला
जमशेदपुर के मानगो सहारा सिटी की एक नाबालिग लड़की की मां ने मानगो थाना में 18 जनवरी 2019 को इंद्रपाल सैनी, शिव कुमार महतो, श्रीकांत महतो व अन्य के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज करायी थी. दर्ज प्राथमिकी में पीड़िता की मां ने बताया था कि बच्ची के साथ इंद्रपाल सैनी, शिव कुमार महतो, श्रीकांत महतो ने दुष्कर्म किया है. वही दुष्कर्म का वीडियो बनाया गया. वीडियो दिखाकर डरा-धमका कर बच्ची के साथ देह व्यापार कराया गया. इस मामले में पुलिस ने तीनों आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. हालांकि श्रीकांत महतो को कोर्ट से जमानत मिल गयी. इंद्रपाल सैनी और शिव कुमार महतो फिलहाल घाघीडीह जेल में हैं. इस मामले में पीड़िता ने बाद में पुलिस को बताया था कि एमजीएम थाना में तत्कालीन थाना प्रभारी इमदाद अंसारी और डीएसपी अजय केरकेट्टा ने भी दुष्कर्म किया था. इसके अलावा जमशेदपुर शहर में कई स्थानों पर कई लोगों द्वारा उसके साथ दुष्कर्म किया गया. (नीचे भी पढ़ें)
22 जनवरी 2022 को तीन लोगों को सजा सुनायी गयी, 22 पर हो रही कार्रवाई
इस कांड में जमशेदपुर कोर्ट से जो फैसला आया है, वह इस कांड के नामजद आरोपी इंद्रपाल सिंह सैनी, शिवकुमार महतो और श्रीकांत को लेकर आया है क्योंकि ये तीन ही इस मामले में पहले नामजद (जिनके नाम से केस हुआ था) थे. बाद में उसमें कई नाम और जुड़े थे, जिसमें पुलिस के पदाधिकारी और रसूखदार लोग भी थे. 22 लोगों को इस मामले में आरोपी बनाने को कोर्ट पहले ही मंजूरी दे चुका था, जिसका मामला अलग से चलता रहेगा. इस मामले में धारा 319 के तहत सोनू नैयर, लड्डन उर्फ पाहुल, मैन्यर, दिनेश अग्रवाल, अमित सिंह, मुन्ना धोबी, अजित मिस्त्री उर्फ बुलेट मिस्त्री, उपेंद्र सिंह, शाहिद, शाहिद, अभिषेक मिश्रा, गुड्डू गुप्ता, इंस्पेक्टर सह उलीडीह के पूर्व थाना प्रभारी इमदाद अंसारी, अजय केरकेट्टा, लंगड़ा मकसूद, मनोज सहाय, गुरप्रीत सिंह, शंभू द्विवेदी, करीम केबुल वाला, तस्मीम अहमद, राजेश सिंह और तनुश्री नायक को भी आरोपी बनाया गया है. इस मामले में एक डीएसपी भी आरोपी है अजय केरकेट्टा, जो हाईकोर्ट से स्टे मिला है जबकि इस कांड में तत्कालीन थानेदार इमदाद अंसारी भी है. सबके खिलाफ केस चल रहा है, सिर्फ उनकी गिरफ्तारी पर स्टे दिया गया है. इस मामले में राजनीतिज्ञ भी शामिल है, जिन पर अलग से सुनवाई चलती रहेगी. इन पर ट्रायल चलेगा और बाद में उनको लेकर भी फैसला आयेगा.




