रांची : झारखंड ऑल इंडिया माइनॉरिटी सोशल वेलफेयर फ्रंट के प्रवक्ता सरफराज हुसैन ने सोमवार को झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रांची स्थित कार्यालय में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता, जवाबदेही तथा मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में अल्पसंख्यक, आदिवासी, मूलवासी, अनुसूचित जाति, महिलाओं एवं सामाजिक-आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के मताधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंकाएं व्यक्त की गई हैं. साथ ही व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने, नाम विलोपन से पूर्व अनिवार्य नोटिस एवं सुनवाई सुनिश्चित करने, ग्राम सभा एवं वार्ड सभा की सहभागिता बढ़ाने तथा खतियान एवं वंशावली जैसे पारंपरिक अभिलेखों को प्रमाण के रूप में स्वीकार करने की मांग की गई है. (नीचे भी पढ़ें)
फ्रंट ने यह भी आग्रह किया है कि एसआईआर प्रक्रिया को किसी भी प्रकार की नागरिकता सत्यापन प्रक्रिया में परिवर्तित न किया जाए. इसके अतिरिक्त, निर्वाचन आयोग से जिला-वार दैनिक पारदर्शिता बुलेटिन जारी कर सत्यापन, दावे-आपत्तियों, लंबित मामलों एवं संभावित विलोपन से संबंधित आंकड़े सार्वजनिक करने का अनुरोध किया गया है, ताकि नागरिक, राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन स्वतंत्र रूप से प्रक्रिया की निगरानी कर सकें. सरफराज हुसैन ने आशा व्यक्त की कि निर्वाचन आयोग लोकतांत्रिक मूल्यों एवं संवैधानिक अधिकारों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कदम उठाएगा.







