
रांची : जमशेदपुर पूर्वी के विधायक और पूर्व मंत्री सरयू राय के जीवनी पर आधारित पुस्तक द पीपुल्स लीडर का विमोचन गुरुवार को किया गया. रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन सभागार में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने संयुक्त रुप से इसका विमोचन किया. इस दौरान सरयू राय का अभिनंदन खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया. इस दौरान लेखक विवेकानंद झा भी मौजूद थे, जिन्होंने उनके जीवनी पर पुस्तक लिखी है. चर्चित लेखक विवेकानंद झा ने सरयू राय की जीवनी लिखी है, जिसे देश के बड़े प्रकाशकों में से एक दिल्ली के प्रभात प्रकाशन ने प्रकाशित किया है. (नीचे देखे पूरी खबर)

विवेकानंद झा बम्बई में बिहारी विरोधी भावना चरम पर होने के समय एक पुस्तक लिखा था, जिसका नाम था “हां मैं बिहारी हूं”. इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर एक पुस्तक लिखा जिसका नाम है “56 इंचेज”. फिर उन्होंने “लिविंग लिजेंड ऑफ़ मिथिला लिखा. इन पुस्तकों के कारण श्री झा को राष्ट्रीय ख्याति मिली. इन्होंने ही सरयू राय पर यह पुस्तक दी पीपुल्स लीडर लिखा है जिसमें उनके व्यक्तिगत, सामाजिक, राजनीतिक जीवन के कई अनछुये पहलुओं को उजागर किया है. 1974 छात्र आंदोलन, आपातकाल में भूमिका, राजनीति में पदार्पण, विभिन्न मुद्दों पर मतभेद, घोटालों को उजागर करने में भूमिका से लेकर अन्य कई घटनाओं का ज़िक्र श्री झा ने इस पुस्तक में किया है. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी के राजनीतिक सलाहकार रहे सुधीन्द्र कुलकर्णी और पूर्व केन्द्रीय मंत्री सांसद डॉ सुब्रमण्यम स्वामी ने पुस्तक की भूमिका लिखी है. (नीचे देखे पूरी खबर)

इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य के पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक सरयू राय परिचय के मोहताज नही हैं. काफी समय से इनके साथ मुझे काम करने का मौका मिला है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में सरयू राय के सुझावों और विचारों से मैं हमेशा प्रभावित हुआ हूं. मुझे लगता है कि मैं ही नहीं बल्कि बहुत सारे लोग इनके विचारों से प्रभावित होंगे. एक अच्छे लेखक एवं एक अच्छे राजनीतिज्ञ के रूप में लोगों के बीच इनकी चर्चा सदैव होती रहती है. सरयू राय द्वारा लिखी गई कई पुस्तकें मैंने स्वयं पढ़ी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरयू राय ने हमेशा चुनौतियां स्वीकार की हैं. इन्होंने साहस और धैर्य का परिचय देते हुए सभी चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना भी किया है. सरयू राय ने सच्चाई के पथ पर चलकर अपनी अलग मुकाम बनाई है. सरयू राय जैसे लोगों के चलते ही आज भी ‘सत्यमेव जयते’ जिंदा है. मुख्यमंत्री ने सरयू राय को असामान्य सोच के साथ आगे बढ़ते रहने के लिए अपनी शुभकामनाएं दी. (नीचे देखे पूरी खबर)

पुस्तकें एक बेहतर प्रबंधन के साथ राज्य को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देती हैं
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य के पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक सरयू राय द्वारा लिखी गई पुस्तकें राज्य सरकार को एक बेहतर प्रबंधन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी लोगों को पूर्व की गलतियों से सीख लेते हुए साथ मिलकर एक बेहतर प्रबंधन के साथ राज्य को आगे ले जाना है. मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय लेखक विवेकानंद झा द्वारा लिखी गई पुस्तक ‘द पीपुल्स लीडर’ राज्य को एक बेहतर दिशा देगी. मैं अपनी ओर से ‘द पीपुल्स लीडर’ पुस्तक की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूं. (नीचे देखे पूरी खबर)

सकारात्मक कार्यों और अच्छे सुझावों को सम्मान देना नैतिक कर्तव्य
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो ने कहा कि कृतज्ञ समाज का उत्तरदायित्व बनता है कि जो लोग अच्छे कार्य करते हैं उनके कार्यों की जानकारी जन-जन तक पहुंचानी चाहिए. उन्होंने कहा कि राज्य के पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक सरयू राय ने हमेशा अच्छे कार्य किए हैं. उन्होंने एकला चलो के राह को अपनाते हुए अपनी नीति और सिद्धांत के साथ कभी समझौता नहीं किया है. सरयू राय ने कभी भी गलत लोगों का साथ नहीं दिया. विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि निश्चित रूप से राज्य हित एवं जनहित से संबंधित मामलों में सरयू राय द्वारा दिए गए सुझावों का राज्य सरकार स्वागत करती है. उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही के दौरान सकारात्मक कार्यों और अच्छे सुझावों को सम्मान देना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है. (नीचे देखे पूरी खबर)

‘द पीपुल्स लीडर’ पुस्तक में हैं कई अनछुए पहलुओं की जानकारी..
इस अवसर पर ‘द पीपुल्स लीडर’ पुस्तक के लेखक विवेकानंद झा ने पुस्तक के विषय-वस्तु की विस्तृत जानकारी अपने संबोधन में रखीं. उन्होंने कहा कि सरयू राय से संबंधित व्यक्तिगत, सामाजिक, राजनीतिक जीवन के कई अनछुए पहलुओं को इस पुस्तक में दर्शाया गया है. वर्ष 1974 छात्र आंदोलन, आपातकाल में भूमिका, राजनीति में पदार्पण, विभिन्न मुद्दों पर मतभेद, घोटालों को उजागर करने में भूमिका से लेकर कई अन्य घटनाओं का जिक्र इस पुस्तक में किया गया है. इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एवं विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो ने शॉल ओढ़ाकर सरयू राय को सम्मानित किया. श्री सरयू राय ने विधानसभा अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया. इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय, पूर्व विधायक राधाकृष्ण किशोर, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, प्रभात प्रकाशन के निदेशक पीयूष कुमार सहित अन्य लेखक, साहित्यकार एवं शिक्षाविद उपस्थित थे.






