
जमशेदपुर : जमशेदपुर का पारा सातवें आसमान पर है. आसमान अंगार उगल रहा है और धरती सूखती जा रही है. भूगर्भ जल 700 फीट से भी नीचे चला गया है. इससे गैर कंपनी इलाकों में पानी की घोर किल्लत शुरू हो गई है. पाइप लाइन से जलापूर्ति योजना दम तोड़ चुकी है. लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं. जमशेदपुर के परसुडीह, बागबेड़ा, गोविंदपुर, मानगो, जुगसलाई आदि क्षेत्र के लोग सुबह से लेकर शाम तक पानी के लिए जद्दोजहद करते नजर आ रहे हैं. वही परसुडीह क्षेत्र की कई पंचायतों में पिछले 20 दिनों से पानी की सप्लाई नहीं हो रही है. क्षेत्र के सरकारी चापाकल पूरी तरह सूख चुके हैं. बस्ती वासियों का कहना है, कि पाइप लाइन से जलापूर्ति शुरू होने के बाद क्षेत्र के चापाकलों की मरम्मत नहीं होने के कारण सभी बेकार पड़े हैं. 4- 4 किलोमीटर पैदल चलकर पानी लाने को इलाके के लोग विवश हैं. इसको लेकर बुधवार को बस्ती वासियों ने संत रॉबर्ट मैदान में बने पानी टंकी पर पहुंच अपना विरोध जताया. बस्ती वासियों ने बताया, कि पानी के लिए पूरे क्षेत्र में हाहाकार मचा हुआ है. और अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं. जनप्रतिनिधि भी नदारद हैं. कुल मिलाकर जमशेदपुर का ग्रामीण इलाका भीषण जल संकट से जूझ रहा है. सरकार और सरकारी मशीनरी कोरोना के खिलाफ जारी जंग में व्यस्त हैं. लोग कोरोना की चिंता छोड़ सूखते हलक की प्यास बुझाने में लगे हैं.











