जमशेदपुर: जमशेदपुर के उलीडीह ओपी क्षेत्र स्थित शंकोसाई रोड नंबर-4, खड़िया बस्ती में हुई गोलीबारी मामले का पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खुलासा कर दिया है. इस घटना में गोली लगने से घायल हुए राजनगर निवासी देवदास गोप उर्फ देव (21 वर्ष) की बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई.पुलिस के अनुसार 16 जून की रात करीब 11 बजे एमजीएम थाना को सूचना मिली कि एक युवक गोली लगने से घायल अवस्था में एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है. प्रारंभिक सूचना में घटनास्थल स्पष्ट नहीं होने के कारण एमजीएम थाना और उलीडीह ओपी पुलिस ने अपने-अपने क्षेत्रों में जांच शुरू की. सत्यापन के दौरान खड़िया बस्ती में फायरिंग की घटना सामने आई.वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक पटमदा के नेतृत्व में एमजीएम थाना और उलीडीह ओपी की संयुक्त टीम गठित की गई. जांच के दौरान घायल देवदास गोप को अस्पताल पहुंचाने वाले नीरज प्रधान और देवाशीष प्रधान को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई.(नीचे भी पढ़े)
पूछताछ में खुलासा हुआ कि 16 जून की रात नीरज प्रधान के घर पर कुछ युवक बैठकर शराब पी रहे थे. इसी दौरान पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद हो गया. आरोप है कि विवाद बढ़ने पर नीरज प्रधान ने अपने पास रखे देशी पिस्टल से देवदास गोप पर गोली चला दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. घटना के बाद नीरज प्रधान और उसके साथियों ने उसे इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल पहुंचाया और वहां से निकलने की योजना बना रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया.पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है उनमें नीरज प्रधान (23 वर्ष), शंकोसाई रोड नंबर-5, उलीडीहदेवाशीष प्रधान (21 वर्ष), बेटकलसाई, राजनगर,शिवा गौड़ा, शंकोसाई रोड नंबर-5, उलीडीह शामिल है. पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 7.62 बोर का एक देशी पिस्टल मैगजीन सहित एक फायर किया हुआ खोखा, घटनास्थल से खून के नमूने, शराब की बोतल और डिस्पोजल गिलास, घटना में प्रयुक्त थार वाहन अभियुक्त और मृतक के खून से सना शर्ट बरामद किया है. पुलिस पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है तथा हथियार के स्रोत और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है.





