जमशेदपुर : बिरसानगर गुरुद्वारा में रविवार को दशमेश प्रकाश में शहर के मजहबी सिंह रंगरेटा समाज के लोगों ने झारखंड सरकार के अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष ज्योति सिंह मथारू का समारोह पूर्वक अभिनंदन किया. इस अभिनंदन समारोह के दौरान मजहबी सिंह रंगरेटा समाज और दशमेश प्रकाश बिरसानगर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (गोलमुरी) के प्रतिनिधिमंडल ने उपाध्यक्ष ज्योति मथारू का स्वागत करते हुए उन्हें समाज की मांगों से जुड़ा एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन के माध्यम से समाज को झारखंड में अनुसूचित जाति (SC) का प्रमाण पत्र निर्गत कराने, सरकारी नौकरियों में आरक्षण दिलाने तथा अन्य सभी संवैधानिक व सामाजिक लाभ प्रदान कराने की पुरजोर मांग की गई है. (नीचे भी पढ़ें)
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री ज्योति सिंह मथारू ने कहा कि मजहबी सिंह रंगरेटा समाज की यह मांग कई वर्षों से चली आ रही है. पूर्व की सरकारों ने क्यों नहीं इस पर पहल की, यह समझ से परे है. परंतु हमारी हेमंत सोरेन सरकार की नीयत इस मांग को लेकर पूरी तरह साफ है. हमारी सरकार दलित, शोषित और पिछड़ा समाज के उत्थान के लिए ही जानी जाती है.” उन्होंने समाज को आश्वस्त करते हुए कहा, “मैंने इस विषय को पूरी तरह अपने संज्ञान में लिया है और मैं हर हाल में आप लोगों को आपका यह अधिकार दिलाकर रहूंगा. हम जरूर आपकी मांगों को पूरा करेंगे.” राज्यमंत्री के इस आश्वासन पर गुरुद्वारा हॉल में उपस्थित पूरी संगत ने ‘बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ के गगनभेदी जयकारे के साथ उनके कथन का स्वागत और समर्थन किया. सौंपे गए ज्ञापन में प्रतिनिधिमंडल ने रेखांकित किया था कि पूरे झारखंड प्रदेश में सिख समाज की कुल जनसंख्या लगभग 4 लाख है, जिसमें से अकेले मजहबी रंगरेटा समाज की भागीदारी करीब 45 फीसदी है. इतनी बड़ी आबादी होने के बावजूद यह समाज आज भी अत्यंत दयनीय, उपेक्षापूर्ण और गंभीर सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों का सामना कर रहा है तथा विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह हाशिए पर है. (नीचे भी पढ़ें)
कमेटी और समाज के पदाधिकारियों ने पूर्ववर्ती सरकारों पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 2015 से लेकर अब तक राज्य में जितनी भी सरकारें आईं, किसी ने भी मजहबी रंगरेटा समाज के उत्थान और उनके अधिकारों को गंभीरता से नहीं लिया. प्रशासनिक स्तर पर कई बार मांग पत्र सौंपने के बाद भी कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, जिसके कारण समाज दशकों से सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ने को मजबूर है. अभिनंदन समारोह और ज्ञापन सौंपने के अवसर पर मुख्य रूप से बिरसानगर गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान रोशन सिंह, नामदा बस्ती के प्रधान दलजीत सिंह, टुइलाडुंगरी गुरुद्वारा के प्रधान सतबीर सिंह, रंगरेटा महासभा के प्रधान मनजीत सिंह गिल, टुइलाडुंगरी सिख नौजवान सभा के प्रधान रंजीत सिंह, दलबीर सिंह, लखबीर सिंह, प्रभजोत सिंह, हरजीत सिंह, जगतार सिंह, मान सिंह, जसबीर पादरी, गुलशन सिंह, राजेंदर सिंह तरसिक्का, कुलदीप सिंह, कमलजीत सिंह, अमृत सिंह, प्रताप सिंह, मनमीत सिंह मथारू, गुरदीप सिंह, कुलवंत सिंह, सुखदेव सिंह सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक, प्रबुद्ध जन और भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे.







