जमशेदपुर: “कुरान-ए-पाक में कहा गया है कि यदि आप किसी एक इंसान की मदद करते हैं, तो आपके माध्यम से इंसानियत जिन्दा होती है. ऐसे में रक्तदान जैसा नेक कार्य, जिससे किसी जरूरतमंद को जीवन मिलता है, ईश्वर की सबसे बड़ी सेवा है.”उक्त विचार गुरुवार को रेड क्रॉस भवन में स्व. शफायत हुसैन की स्मृति में एहसिन फाउंडेशन के संयोजन में आयोजित रक्तदान शिविर के उद्घाटन के अवसर पर उपस्थित इस्लामी धर्मगुरुओं ने व्यक्त किए.उन्होंने कहा कि अपने माता-पिता और पूर्वजों की स्मृतियों को समाजसेवा के माध्यम से जीवित रखना भी पुण्य का कार्य है. जब किसी व्यक्ति को उसके अच्छे कार्यों के लिए याद किया जाता है, तो उसकी स्मृति समाज में सदैव जीवित रहती है.(नीचे भी पढ़े)

रेड क्रॉस सोसाईटी, पूर्वी सिंहभूम के पेट्रन एवं एहसिन फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष आसिफ मेहमूद के पिता स्व. शफायत हुसैन की स्मृति में आयोजित इस रक्तदान शिविर का उद्घाटन अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. इस अवसर पर डॉ. सुमैला आसिफ ने रक्तदान को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास करते हुए कहा कि रक्तदान मानवता की सेवा के साथ-साथ स्वयं रक्तदाता के लिए भी एक सकारात्मक और पुण्यदायी कार्य है.कार्यक्रम की शुरुआत झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता एवं पद्मभूषण स्व. शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन तथा प्रसिद्ध सिने अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई..(नीचे भी पढ़े)

रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाने के लिए कार्यक्रम में काजी सउद आलम, मुफ्ती निशान्त साहब, मुफ्ती अमिरूल हसन साहब, हाजी अनवर, रेड क्रॉस सोसाईटी, पूर्वी सिंहभूम के मानद सचिव विजय कुमार सिंह तथा पेट्रन पूरबी घोष उपस्थित थीं. कार्यक्रम का संचालन ह्युमन वेल्फेयर ट्रस्ट के सचिव मुख्तार आलम ने किया.कार्यक्रम के दौरान टाटा स्टील खेल विभाग के अधिकारी हसन इमाम को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया. वहीं शतकवीर रक्तदाता सुखवीर सिंह मांडला को उनके 112वें रक्तदान के लिए शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया.रक्तदान शिविर में कुल 104 रक्तदाताओं ने रक्तदान कर मानवता की सेवा में अपना योगदान दिया.




