जमशेदपुर: बागबेड़ा थाना अंतर्गत ट्रैफिक कॉलोनी निवासी सुनील पिल्ले ने बुधवार को टाटानगर आरपीएफ और रेलवे लैंड डिपार्टमेंट की कार्रवाई से परेशान होकर आत्मदाह का प्रयास किया था. रविवार सुबह सुनील ने टीएमएच में दम तोड़ दिया. घटना के पांच दिन बाद टाटानगर आरपीएफ ने अपना बयान जारी किया है. रविवार को आरपीएफ पोस्ट प्रभारी एसके तिवारी और लैंड डिपार्टमेंट के आरके सिंह ने प्रेस वार्ता बुलाई. इसमें आरपीएफ पोस्ट प्रभारी एसके तिवारी ने बताया कि वे लोग आदेश का पालन कर निर्माण कार्य करवाने गए थे. रेलवे बोर्ड की ओर से उन्हें आदेश दिया गया था कि उक्त स्थल पर ओम प्रकाश कसेरा का दखल है जिसपर वे निर्माण कार्य कर रहे है पर उन्हें रोका जा रहा है. इस मामले को लेकर ओमप्रकाश ने रेलवे बोर्ड को पत्र लिखकर शिकायत की थी.(नीचे भी पढ़े)
वहीं लैंड डिपार्टमेंट की ओर से आरके सिंह का कहना है कि साल 1984 में उक्त जमीन व्रिक्रमा तिवारी को लीज पर दी गई थी पर एक बार लीज भरने के बाद कोई राशि नहीं दी गई. उन्हें कई बार नोटिस भी किया गया पर कोई जवाब नहीं दिया गया. साल 2011 में उक्त जमीन ओमप्रकाश कसेरा को ट्रांस्फर कर दी गई. ओमप्रकाश ने साल 1984 से लेकर 2011 तक की बकाया राशि भरने का भी भरोसा दिया. उन्होंने लीज की रकम भी दे दी पर उक्त जमीन पर सुनील पिल्ले अपना कब्जा बता रहे थे. आरके सिंह ने बताया कि उनकी टीम आरपीएफ से साथ उक्त स्थल पर गई थी. इसपर सुनिल के परिजनों ने विरोध शुरू कर दिया. उनसे जमीन के कागजात मांगेगए पर उन्होंने कोई कागजात प्रस्तुत नहीं किया. वे लोग आत्मदाह करने का प्रयास करने लगे. कोई अनहोनी ना हो इसके लिए आरपीएफ सभी को अपने साथथाना ले गई. मामले को लेकर पोस्ट प्रभारी एसके तिवारी ने कहा कि रेलवे बोर्ड के आदेश पर थाना में सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज कराया जा सकता है.






