जमशेदपुर : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जमशेदपुर महानगर के तत्वावधान में शुक्रवार को ‘अखंड भारत संकल्प दिवस’ का आयोजन जमशेदपुर के बिष्टुपुर तुलसी भवन में किया गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों एवं समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने सहभागिता की. कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रांत महाविद्यालयीन विद्यार्थी कार्य प्रमुख संजीत जी ने अपने संबोधन में कहा कि 14 अगस्त का दिन भारत के इतिहास की एक महत्वपूर्ण एवं पीड़ादायक घटना, देश के विभाजन, का स्मरण कराता है. विभाजन के दौरान लाखों लोगों को विस्थापन, हिंसा और अपार पीड़ा का सामना करना पड़ा. इस इतिहास को विस्मृत नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि अखंड भारत का विचार केवल भू-भाग की एकता का विषय नहीं, बल्कि भारत की साझा सांस्कृतिक विरासत, सभ्यता और राष्ट्रीय चेतना से जुड़ा हुआ है. (नीचे भी पढ़े)
समाज में राष्ट्रीय एकता, समरसता और सांस्कृतिक आत्मबोध को मजबूत करना आज की आवश्यकता है. संजीत जी ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी भारत के गौरवशाली इतिहास एवं सांस्कृतिक विरासत को जाने तथा राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए समाज में एकता और सद्भाव का वातावरण बनाने में अपनी भूमिका निभाए. कार्यक्रम के दौरान उपस्थित स्वयंसेवकों एवं नागरिकों ने अखंड भारत के संकल्प को दोहराते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं गौरव की रक्षा के लिए अपने कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की. कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के समक्ष दीप प्रज्वलन व पुष्पार्चन कर महानगर संघचालक रामचंद्र व संजीत जी ने किया. उपस्थित लोगो को विभाजन विभिषिका से संबंधित चलचित्र दिखाया गया. समापन भारत माता की प्रार्थना के साथ हुआ.







