जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम और आसपास के क्षेत्रों में ब्रेन मलेरिया का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है. पोटका प्रखंड में चार बच्चों की मौत के बाद अब सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर की 12 वर्षीय बच्ची गुड़िया दास की भी इस बीमारी से मौत हो गई है. वहीं घाटशिला के चार वर्षीय प्रेम मार्डी की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज वेंटिलेटर पर किया जा रहा है. जानकारी के अनुसार, आदित्यपुर के बंतानगर निवासी रमेश गोप की पुत्री गुड़िया दास को मंगलवार रात गंभीर अवस्था में एमजीएम अस्पताल लाया गया था. अस्पताल पहुंचने पर उसका हीमोग्लोबिन स्तर मात्र 4 ग्राम पाया गया. उसे लगातार दौरे (झटके) आ रहे थे और वह बेहोश थी. (नीचे भी पढ़ें)
चिकित्सकों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए तत्काल वेंटिलेटर पर रखकर इलाज शुरू किया. अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, गुड़िया पहले से सिकल सेल रोग और गंभीर एनीमिया से पीड़ित थी तथा नियमित उपचार के लिए अस्पताल आती रही थी. इस बार जांच के दौरान रैपिड टेस्ट किट से उसमें ब्रेन मलेरिया की पुष्टि हुई. पूरी रात इलाज के बावजूद बुधवार सुबह उसकी मौत हो गई. उधर, घाटशिला से ब्रेन मलेरिया की शिकायत के बाद एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराए गए चार वर्षीय प्रेम मार्डी की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है. (नीचे भी पढ़ें)
चिकित्सकों की टीम उसे वेंटिलेटर पर रखकर लगातार निगरानी में इलाज कर रही है. ब्रेन मलेरिया के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है. विशेष रूप से बच्चों में संक्रमण के गंभीर मामले सामने आने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में मच्छरजनित रोगों की रोकथाम, समय पर जांच, शीघ्र उपचार और जनजागरूकता पर विशेष जोर दिया जा रहा है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से तेज बुखार, बेहोशी, दौरे या भ्रम जैसी गंभीर लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अस्पताल पहुंचने की अपील की है.





