चाकुलिया: चाकुलिया वन क्षेत्र में चल रही पाइपलाइन बिछाने की परियोजना ने हाथियों के सुरक्षित आवागमन को संकट में डाल दिया है. स्वर्णरेखा सिंचाई परियोजना के तहत कई संवेदक द्वारा पाइप बिछाने के लिए बड़े पैमाने पर खुदाई की गई है. लेकिन खुदाई के बाद गड्डों को समतल नहीं किया गया है, इन अधूरे कार्यो ने हाथियों की पारंपरिक पगडंडियों को बाधित कर दिया है. बारिश के मौसम में इन गड्ढों में पानी और कीचड़ बढ़ जाने से कई स्थान दलदल में तब्दील हो गए हैं. इससे हाथियों की सामान्य गतिविधियां बाधित हो रही है और वह अब भटककर गांव की ओर आ रहे हैं. इससे मानव वन्य जीव संघर्ष की स्थिति बनी हुई है. (नीचे भी पढ़े)

विदित हो कि पाइपलाइन बिछाने के कार्य के कारण वन क्षेत्र के कई हिस्सों में गड्डे खोद कर छोड़ दिए गए हैं, जिससे हाथियों का आवागमन का रूट बाधित हो गया है, ऐसे में हाथी राह भटक कर गांव की ओर रुख कर रहे हैं. हाथियों के गांव में आने से ग्रामीण और किसान काफी भयभीत हैं. वही किसान अपनी फसलों की सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित भी है इन दोनों हाथियों का दल बांस के फसलों को काफी नुकसान पहुंचा रहे हैं. हाथियों के हमले और नुकसान से त्रस्त ग्रामीणों ने मांग की है कि सभी खुले गड्ढों को तुरंत भरा जाए और पारंपरिक रास्ते को अपना सुरक्षित बनाया जाए ताकि इंसानों और जानवरों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.











