चाकुलिया : कुड़मी युवा नेता चंदन महतो ने झारखंड सरकार पर पिछड़ा वर्ग की अनदेखी करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि राज्य में ओबीसी वर्ग की आबादी लगभग 55 प्रतिशत है, इसके बावजूद शिक्षा, रोजगार, सरकारी नियुक्तियों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में उन्हें आबादी के अनुरूप हिस्सेदारी नहीं मिल रही है. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कहा कि कोल्हान सहित पूरे झारखंड में बड़ी संख्या में ओबीसी समाज के लोग निवास करते हैं, लेकिन सरकारी योजनाओं और रोजगार के अवसरों में उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले ओबीसी युवाओं को शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और रोजगार के क्षेत्र में भी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. (नीचे भी पढ़ें)
चंदन महतो ने सरकार से जातिगत गणना कराने, ओबीसी की वास्तविक आबादी के आंकड़े सार्वजनिक करने और आबादी के अनुरूप आरक्षण एवं प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग की. उन्होंने सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में ओबीसी के लिए पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने की भी मांग की. उन्होंने कहा कि पंचायत और नगर निकायों में ओबीसी आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए. साथ ही, पिछड़ा वर्ग आयोग को मजबूत कर उसकी अनुशंसाओं पर समयबद्ध कार्रवाई होनी चाहिए. ओबीसी समाज किसी दूसरे वर्ग के अधिकारों को कम करने की मांग नहीं कर रहा है, बल्कि अपने संवैधानिक अधिकार, सम्मान और न्यायसंगत प्रतिनिधित्व की मांग कर रहा है. सरकार को इस दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए.




